Dehradun News: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून स्थित गांधी पार्क देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया. भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर जनसमूह को राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश दिया. इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
माँ भारती के अमर सपूतों को किया नमन
सीएम धामी ने संविधान सभा के सभी सदस्यों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों, सत्याग्रहियों और माँ भारती के अमर सपूतों को नमन करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को स्मरण किया. उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस गरिमामयी सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में सहभागिता करना उनके लिए अत्यंत गौरव का विषय है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर चुका है. इसके साथ ही उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सेना और पुलिस के वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की.
आस्था, समर्पण, कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति वंदे मातरम
सीएम धामी ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से निकला वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का नारा रहा है, जिसने देशवासियों को एक साझा भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की तथा पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम के सूत्र में बाँधने का कार्य किया. उन्होंने कहा कि जब गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया, तब यह केवल नारा नहीं रहा, बल्कि एकता, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सजीव प्रतीक बन गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस का यह दिन राष्ट्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1950 में स्वतंत्र भारत ने अपना संविधान लागू कर एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी यात्रा आरंभ की.
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर उतारा. उत्तराखंड में सख्त भू-कानून बनाए गए, समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून लागू किया गया. 11000 एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त की गई. पिछले साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली. उत्तराखंड में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन हुआ तो लोग गांवों की ओर लौट रहे हैं. एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है. उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि देवभूमि को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.
समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य
देवभूमि की सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं. ऑपरेशन कालनेमी के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है.समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है.
साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां
सीएम ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय की तुलना में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 26 गुना बढ़ चुका है तथा प्रति व्यक्ति आय में लगभग 17 गुना की वृद्धि हुई है. बिजली उत्पादन में कई गुना वृद्धि और सड़कों के नेटवर्क के दोगुना होने से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है.
