Jan Jan ki Sarkar Jan Jan ke Dwar: उत्तराखंड सरकार लगातार प्रदेश के विकास और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर काम कर रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाया जाने वाला कार्यक्रम ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ लगातार पूरे प्रदेश में सख्त प्रशासन और समस्याओं के समाधान को लेकर एक बेहतरीन मॉडल बनकर उभर रहा है.
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उद्देश्य सरकार को नागरिकों के घर तक पहुंचाने का है. जिसके चलते ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम आज पूरे देश में मजबूती के साथ सफल होता दिखाई दे रहा है. इस कार्यक्रम को सरकार द्वारा लोगों की समस्याओं को तुरंत ही खत्म करने और उनका समाधान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था.
कार्यक्रम के तहत 126 शिविर आयोजित
उत्तराखंड के 13 जिलों में 26 दिसंबर को 126 शिविर आयोजित किए गए, इन शिविरों में लगभग 64,960 लोगों ने हिस्सा लिया था. उत्तराखंड में आयोजित हुए इन शिविरों की मदद से लगभग 10,962 शिकायतें मिलीं थी. इन शिकायतों में से लगभग 7,952 शिकायतों का तुरंत ही मौके पर समाधान कर दिया गया. इन शिविरों में इन सभी के अलावा 12,399 मामलों में विभिन्न सर्टिफिकेट और सरकारी फायदे दिए गए. इसी के साथ लगभग 39,923 लोगों को दूसरी सरकारी योजनाओं के तहत फायदे दिए गए हैं.
- ऐतिहासिक मॉडल बन रहा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’कार्यक्रम
- राज्य के 13 जिलों में आयोजित 126 शिविरों से 64,960 लोगों को मिला फायदा
- कार्यक्रम के तहत 7,952 शिकायतों का तुरंत हुआ समाधान
- राज्य के नागरिक नहीं जाएंगे सरकारी कार्यालय, उनके घर पहुंचेगी सरकार- सीएम धामी
- मुख्यमंत्री ने दिए सख्त आदेश- कमजोरों के घर खुद पहुंचे अधिकारी
- कार्यक्रम में बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही- सीएम पुष्कर सिंह धामी
हर शिकायत का समाधान हमारी प्राथमिकता- सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार का संकल्प है कि जनता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर बार-बार न लगाने पड़ें. धामी का कहना है कि इस कार्यक्रम के तहत सरकार खुद ही प्रदेश की जनता के घरों तक पहुंचेगी. उन्होंने कहा है कि इस कार्यक्रम की मदद से हम यह कोशिश कर रहे हैं कि किसी भी लाइन के लास्ट में खड़ा कोई सामान्य व्यक्ति भी सरकार की योजनाओं का फायदा ले सके. मुख्यमंत्री का कहना है कि सभी शिकायतों का त्वरित रूप से समाधान करना और हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाना ही सरकार की प्राथमिकता है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अधिकारियों को निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेश के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगर कोई दिव्यांग या बूढ़ा या फिर कमजोर वर्ग का नागरिक इन शिविरों तक नहीं आ पाते हैं, तो अधिकारी उन सभी लोगों के घरों तक खुद जाकर उनकी शिकायतों और उनके आवेदनों का समाधान करें. सीएम धामी का कहना है कि इन मामलों में किसी भी तरह की कोई लापरवाही और टालमटोल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रदेश के जिलों में आयोजित होने वाले सभी शिविरों की फीडबैक आधारित मॉनिटरिंग को सुनिश्चित किया जाए.





