Operation Kalnemi Uttarakhand: उत्तराखंड की सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश की संस्कृति और सामाजिक पहचान और धार्मिक रक्षा को लेकर काफी तेजी के साथ में काम कर रही है. मुख्यमंत्री धामी का साफ कहना है कि उत्तराखंड करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है. प्रदेश की गरिमा खराब करने वाले लोगों के साथ सरकार बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है.
10 जुलाई से शुरू हुआ ऑपरेशन कालनेमि
उत्तराखंड सरकार लगातार प्रदेश में असामाजिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई कर रही है. इसके तहत सरकार ने धर्म और आस्था का सहारा लेकर होने वाली अवैध गतिविधियों और ठगी को रोकने के साथ संदिग्ध तत्वों के खिलाफ में ऑपरेशन कालनेमि शुरू किया था. यह अभियान 10 जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू हो गया है. जिसके बाद इसके तहत प्रदेश के कई जिलों में कार्रवाई की गई है.
क्या है ऑपरेशन कालनेमि?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही उत्तराखंड सरकार ने 10 जुलाई को आस्था और धर्म के नाम पर होने वाली अवैध गतिविधियों और ठगी को रोकने के लिए ऑपरेशन कालनेमि को शुरू किया था. इस ऑपरेशन को प्रदेश की कानून व्यवस्था और पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया था. जिसके बाद इस ऑपरेशन के तहत हरिद्वार, देहरादून और उधम सिंह नगर जैसे जिलों में बड़े स्तर पर पुष्टी और प्रवर्तन की कार्रवाई की है.
जिलों में हुई बड़े स्तर पर कार्रवाई
ऑपरेशन कालनेमि के तहत उत्तराखंड के कुछ संवेदनशील जिलों में बड़े स्तर पर पुष्टी और प्रवर्तन की कार्रवाई की गई है. हरिद्वार जिले में लगभग 3,091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया है, जिनमें से करीब 715 मामलों में केस रडिस्टर्ड किए गए हैं. इन मामलों में लगभग 305 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं देहरादून जिले में लगभग 1,711 लोगों का सत्यापन हुआ है, जिसमें 9 केस रजिस्टर हुए हैं और 206 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन मामलों में लगभग 380 लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन भी लिया गया है. जिसके बाद यहां अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है. देहरादून के साथ ही उधम सिंह नगर में भी लगभग 220 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किए गए हैं.
प्रदेश में बड़ी संख्या में हुई लोगों की पुष्टि
उत्तराखंड में अब तक 4,802 लोगों से ज्यादा नागरिकों की पुष्टी हो चुकी है. इस पुष्टी के समय में लगभग 724 केस दर्ज किए गए हैं और 511 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनसे अलग हटकर अगर देखा जाए तो अवैध रूप से रहने वाले 19 बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी भी हुई है. जिनमें से 10 लोगों को वापस डिपोर्ट कर दिया गया है और बचे हुए मामलों में कार्रवाई जारी है.
मुख्यमंत्री धामी के साफ निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि यह ऑपरेशन किसी भी धर्म या कम्यूनिटी के खिलाफ नहीं बल्कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाना और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए शुरू किया गया है. मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी तरह की लापरवाही ना की जाए.





