12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस है, लेकिन इससे पहले राजधानी दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में कई बड़ी हस्तियों ने भाग लिया. इस खास कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद रहे.
इस कार्यक्रम को लेकर मैं बहुत सोच में था
इस कार्यक्रम को राजधानी दिल्ली में आयोजित किया गया. इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने इस कार्यक्रम में आए हुए युवाओं को संबोधित करते हुए अपने कई एक्सपीरियंस को शेयर किया. उन्होंने कहा कि मेरे काम का क्षेत्र काफी अलग है और मेरे अनुभव और युवाओं के उम्र में काफी फर्क है. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में ज्यादातर लोग मुझे 60 साल से भी कम उम्र के लग रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसी कारण के चलते में बहुत सोच में था कि यहां आना चाहिए या फिर नहीं आना चाहिए. उन्होंने कहा कि मेरा जन्म आजादी से पहले के भारत में हुआ था. मेरी जवानी काफी पहले ही बीत गई है और आज की परवरिश में काफी बदलाव आ गया है.
हर कदम पर फैसले लेने होते हैं
उन्होंने कहा कि एक छोटी सी चीज आपकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल सकती है, और वो है आपको फैसले लेने की क्षमता. अजीत डोभाल ने युवाओं से कहा कि हर इंसान छोटे या बड़े फैसले हर दिन लेता है. उन्होंने कहा कि इंसान को हर कदम पर फैसले लेने होते हैं. उन्होंने कहा कि यह पक्का है कि भारत विकसित होगा. अजीत डोभल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी इस देश को उस जगह पर ले गए हैं कि अगर भारत ऑटोपायलट पर भी चले तो भी विकसित भारत बन जाएगा. उन्होंने कहा कि आज का भारत वैसा नहीं है, जैसा पहले था. हमारे पूर्वजों ने इस देश के अपमान सहा और बलिदान दिया है.
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पूर्वजों का बलिदान याद रखना बहुत जरूरी
यंग लीडर्स डायलॉग कार्यक्रम में अजीत डोभाल ने कहा कि देश में अनगिनत लोगों ने अपनी जान गवाई है. उन्होंने कहा कि हमारे मंदिरों को नष्ट कर दिया गया और गांवों को लूटा गया और हमारी सभ्यता को कुचला गया है. उन्होंने कहा कि आज के युवाओं में काफी आग है. उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हालांकि बदला एक अच्छा शब्द नहीं है, लेकिन यह काफी शक्तिशाली है. उन्होंने कहा कि हमें एक महान भारत का फिर से निर्माण करके बदला लेना है.
हमने किसी के भी मंदिर नहीं तोड़े
अजीत डोभाल ने कहा कि हमारी सभ्यता काफी विकसित थी. हमने कभी भी किसी के मंदिर नहीं तोड़े और न कभी दूसरों को लूटा और न ही दूसरे देशों के ऊपर हमला नहीं किया, लेकिन हम कभी भी सामने वाले खतरों को समझ नहीं पाए. उन्होंने कहा कि इसी के चलते हमें एक सबक सिखाया गया है. युवाओं से उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि क्या हम इस सबक को याद रख पाएंगे? उन्होंने युवाओं से कहा कि अगर आने वाली पीढ़ियां इस सबक को भूल गईं, तो देश के लिए काफी दुर्भाग्यपूर्ण होगा.
फैसले लेना बहुत जरूरी होता है
दिल्ली में आयोजित हुए भारत यंग लीडर्स डायलॉग कार्यक्रम में अजीत डोभाल वे कहा कि यहां पर बैठे हुए ज्यादातर लोगों ने नए साल पर कुछ न कुछ संकल्प लिया होगा. उन्होंने कहा कि सही और दूरदर्शी फैसले लेना काफी जरूर होता है. उन्होंने कहा कि पहला कदम उठाने से पहले ही सोचना चाहिए कि आगे के दो कदम क्या होंगे. उन्होंने युवाओं से कहा कि सपने देखना काफी जरूरी है, लेकिन उन सभी सपनों को फैसलों में और अपनी जिंदगी की सच्चाई में बदलना होगा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने सपनों में सफल हो जाते हैं. जबकि वहीं कुछ लोग सपनों और फैसलों के बीच में खो जाते हैं. अजीत डोभाल ने कहा कि हमें फैसले लेने के साथ में उन्हें सही बनाना भी काफी ज्यादा जरूरी है.
कभी भी हार न मानें- डोभाल
दिल्ली में आयोजित होने वाले यंग लीडर्स डायलॉग कार्यक्रम में अजीत डोभाल ने कहा कि किसी के सपने एक दिन में पूरे नहीं होते हैं और मोटिवेशन सिर्फ कुछ समय के लिए होता है, लेकिन अनुशासन हमेशा के लिए रहता है. उन्होंने कहा कि जब यह आपकी जिंदगी का हिस्सा बन जाता है, तो यह पक्का हो जाता है कि आप अपना काम टालें नहीं, वरना यह आपकी आदत हो जाती है. अजीत डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर रास्ते में रुकावटें भी आएं तो कभी भी हार न मानें और कभी भी सरेंडर न करें.
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