पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल काफी तेज है. चुनाव आयोग ने शुक्रवार रात में स्पेशल इंटेसिव रिविजन यानी SIR तहत दूसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट को भी जारी कर दिया है. इस लिस्ट में कितने नामों को जोड़ा और हटाया गया है, यह जानकारी सामने नहीं आई है.
चुनाव आयोग ने जारी की दूसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल काफी तेज नजर आ रही है. चुनाव से पहले वोटर लिस्ट का विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है. आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने शुक्रवार की रात में स्पेशल इंटेसिव रिविजन यानी SIR तहत दूसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट को भी जारी कर दिया है, लेकिन इस लिस्ट में कितने नामों को जोड़ा गया है और कितने नामों को हटाया गया है, इस बात पर चुनाव आयोग ने पूरी तरह चुप्पी साध ली है.
तकनीकी खराबी से नहीं खुल रहा पेज
बूथवार लिस्ट 27 मार्च को रात लगभग 11.30 बजे के आसपास चुनाव आयोग की वेबसाइट पर डाली गई, लेकिन नामों को जोड़ने या हटाने वाली जानकारी देने वाले पेज तकनीकी खराबी के कारण वे खुल नहीं रहे हैं. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने सिर्फ इतनी जानकारी दी है कि दूसरी लिस्ट को भी जारी कर दिया है, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं बताया जा सकता है.
सोमवार को जारी हुई थी पहला सप्लीमेंट्री लिस्ट
आपको बता दें कि इससे पहले सोमवार को चुनाव आयोग ने पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट को जारी किया था. पहली लिस्ट जारी करने के बाद आयोग ने कितने नामों को हटाया और कितनों को जोड़ा था, इस मामले में भी किसी तरह के कोई आंकड़े नहीं दिए थे. चुनाव आयोग की इस बात को लेकर आलोचनाएं भी हुई थीं. आपको बता दें कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की गणना के बाद राज्य से कुल 58 लाख वोटरों को लिस्ट से हटाया गया है.
60 लाख से ज्यादा नाम न्यायिक जांच में
वोटर लिस्ट से हटाने के पीछे मौत, पलायन, डुप्लीकेट एंट्री और गायब पते जैसी वजहों को बताया गया है. जिसके बाद बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से कम होकर 7.08 करोड़ ही रह गई है. आपको बता दें कि 28 फरवरी को जारी पोस्ट-SIR रोल में यह संख्या और ज्यादा घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी ही ऊपर रह गई थी. इस लिस्ट में 60 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम अभी भी न्यायिक जांच में हैं.
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