bjp west bengal third candidate list: भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 19 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की है, जिसमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को पानीहाटी से टिकट दिया गया है. पार्टी ने इस बार पूर्व एनएसजी कमांडो और डॉक्टरों जैसे नए चेहरों पर दांव लगाया है, जिससे राज्य में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा और गरमा गया है.

bjp west bengal third candidate list: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर Bharatiya Janata Party ने अपनी तीसरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है. इस लिस्ट में कुल 19 नाम शामिल हैं. पार्टी ने इस बार कई नए चेहरों को मौका दिया है. सबसे ज्यादा चर्चा पानीहाटी सीट को लेकर हो रही है. यहां से पार्टी ने Ratna Debnath को उम्मीदवार बनाया है. वह आरजी कर मेडिकल कॉलेज केस की पीड़िता की मां हैं. इस फैसले को भावनात्मक और बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है.
बीजेपी ने इस सूची में कई अहम सीटों पर भी उम्मीदवार उतारे हैं. उत्तरपाड़ा सीट से दीपांजन चक्रवर्ती को मैदान में उतारा गया है, जो पहले एनएसजी में रह चुके हैं. सिंगूर से अरूप कुमार दास को टिकट मिला है, जहां उनका मुकाबला टीएमसी के बेचराम मन्ना से होगा. मेदिनीपुर सीट से डॉ. शंकर गुचैत को उम्मीदवार बनाया गया है. इसके अलावा राज्य के अलग-अलग इलाकों से भी कई नाम शामिल किए गए हैं.
इनमें कूचबिहार दक्षिण से रथीन्द्रनाथ बोस, रायगंज से दिनेश सरकार, इस्लामपुर से चिरंजीत रॉय और हेमटाबाद से हरिपदा बर्मन जैसे उम्मीदवार शामिल हैं. साथ ही इंग्लिश बाजार, शांतिपुर, हावड़ा सेंट्रल, चंदननगर और चुचुड़ा जैसी सीटों पर भी पार्टी ने अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं. कटवा से कृष्णा घोष, सैंथिया से कृष्णकांत साहा और नलहाटी से अनिल सिंह को भी मौका मिला है. चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल 2026 को होंगे. नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.
रत्ना देबनाथ को टिकट देने के पीछे पार्टी की रणनीति भी साफ नजर आती है. बीजेपी इस चुनाव में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है. आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना पहले ही काफी चर्चा में रही है. अब पीड़िता की मां को मैदान में उतारकर पार्टी इस मुद्दे को और मजबूत करना चाहती है. रत्ना देबनाथ ने भी कहा कि उन्होंने सोच-समझकर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है.
यह मामला 9 अगस्त 2024 का है, जब RG Kar Medical College and Hospital में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर की हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद पूरे देश में विरोध हुआ था. पुलिस ने आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया था. बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई. जांच के बाद अदालत ने जनवरी 2025 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई. अब यह मामला एक बार फिर चुनाव के बीच चर्चा में आ गया है.
