कई लोग को बिना किसी डॉक्टर की सलाह के दवाइयों को खाने की आदत होती है. सर दर्द हो या बुखार वह घर पर ही मेडिकल से दवाइयों को मंगा कर बिना किसी डॉक्टर की सलाह के खा लेते हैं. ऐसा करना बिल्कुल गलत है. इससे आपको जान का खतरा भी हो सकता है. खास कर जान का खतरा तब होता है, जब आप उन दवाओं को खाते हैं, जिसके पीछे लाल रंग की लाइन दी होती है. क्या आपने कभी दवाइयों के पीछे एक लाल रंग की लाइन को बने देखा है? क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर उन दवाओं के पीछे ये लकीर क्यों दी जाती है. तो आइए आज हम आपको बताते हैं.
किन दवाओं पर होती है ये लाल लाइन?
हालांकि, यह लाल रंग की लाइन ज्यादातर आपको एंटीबायोटिक, दर्द का निवारण करने वाली पावरफुल गोलियां, मानसिक रोगों से जुड़ी हुई दवाएं और हार्मोंन के लिए दी गई दवाओं पर मिलेंगी. इन दवाओं पर मुख्यता यह लाइन दी जाती है.
लाल लाइन का क्या होता है मतलब?
बात करें इन दवाओं का तो ये दवाएं ऐसी होती है कि ये हर घर में देखने को मिल जाती है. लोगों को लगता है कि इन गोलियों को वह बिना किसी डॉक्टर की सलाह के खा सकते हैं जो कि बिल्कुल गलत है. इन दवाओं पर इस लाल रंग की रेखाओं का मतलब होता है कि आप इन दवाओं को बिना किसी डॉक्टर की सलाह के नहीं खा सकते हैं. इनको केवल आपके डॉक्टर द्वारा दिए गए प्रिस्क्रिप्शन में लिखा हो तभी सेवन किया जा सकता है.
केवल आम आदमी ही दोषी नहीं
इसमें लोगों के साथ उन जगहों पर मौजूद मेडिकल स्टोर वालों की भी उतनी ही गलती है. इसका कारण यह है कि इन दवाओं को मेडिकल स्टोर वाले बिना डॉक्टर की सलाह वाले पर्चे के बिना नहीं खरीद सकते हैं लेकिन कई मेडिकल स्टोर वाले इसमें लापरवाही करते हैं और बिना किसी डॉक्टर की सलाह वाली पर्ची देखें उस ग्राहक को दे देते हैं.
लाल लाइन वाली दवा को खाने से जोखिम
आपको बता दे कि लाल लकीर वाली दवाओं में कई ऐसी चीजें होती है, जिससे खाने से हमारे शरीर में कई सारी दिक्कत हो सकती है.
अगर आप इन दवाओं का सेवन लंबे समय तक करते हैं. तो किडनी के फेल होने, दिल से संबंधित बीमारियां और दिमाग से संबंधित जोखिम हो सकते हैं. इसी वजह से इन दवाओं पर लाल लकीर दी जाती है. ताकि लोग इनका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह लिए बिना न करें.
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