UP Cabinet Expansion Buzz: यूपी की सियासी गलियारों में चर्चा है कि दलित वोटों को साधने के लिए बीजेपी एक अनुसूचित जाति (SC) के चेहरे को तीसरा डिप्टी सीएम बना सकती है. एक महीने के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार और बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है. सोमवार को दिल्ली में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की मुलाकात ने इन अटकलों को और बल दे दिया है. सूत्रों के अनुसार दिल्ली बैठक के बाद नए मंत्री, तीसरे डिप्टी सीएम और क्षेत्रीय संतुलन को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई.
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ संगठन में भी फेरबदल
सूत्रों के अनुसार आने वाले एक महीने के भीतर न केवल मंत्रिमंडल विस्तार बल्कि संगठन में भी बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिल सकता है. जिला इकाइयों से लेकर क्षेत्रीय अध्यक्षों तक बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है. प्रदेश संगठन की नई टीम जल्द घोषित हो सकती है. इसमें कई पुराने पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव या नई नियुक्तियां संभव हैं. अभी हाल ही में (फरवरी 2026) आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के साथ लखनऊ में हुई मुलाकातों ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है.
जोरों पर तीसरे डिप्टी सीएम की चर्चा
सबसे ज्यादा चर्चा तीसरे उपमुख्यमंत्री पद को लेकर है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक संतुलन साधने के लिए यह बड़ा फैसला ले सकती है. बीजेपी, उत्तर प्रदेश में राजनीतिक संतुलन साधने के लिए यह बड़ा फैसला ले सकती है. सूत्रों के अनुसार भाजपा ब्राह्मण वर्ग की नाराजगी को दूर करने की रणनीति को संगठन और मंत्रिमंडल विस्तार में अपना सकती है. वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी पूर्वांचल क्षेत्र से आते हैं. जबकि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक अवध क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में पश्चिमी और ब्रज क्षेत्र के नेताओं में प्रतिनिधित्व को लेकर असंतोष की चर्चा लंबे समय से चल रही है. इसी असंतुलन को दूर करने के लिए पश्चिम यूपी से किसी प्रभावशाली नेता को तीसरा डिप्टी सीएम बनाए जा सकता है.
कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती
मंत्रिमंडल में कई चेहरों को शामिल किया जा सकता है. इनमें विधायकों के साथ संगठन से जुड़े सक्रिय पदाधिकारियों को भी मौका मिल सकता है. सूत्र बताते हैं कि कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है.
ब्राह्मण समीकरण पर भी फोकस
पार्टी सूत्रों के अनुसार बीजेपी ब्राह्मण वर्ग की नाराजगी को दूर करने की रणनीति पर भी काम कर रही है. माना जा रहा है कि पश्चिमी यूपी की संगठनात्मक जिम्मेदारी किसी ब्राह्मण चेहरे को सौंपी जा सकती है.
