Abhishek Banerjee Babri Masjid SIR: अभिषेक बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद और SIR प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार, बीजेपी और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और 1.36 करोड़ कथित गलत मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करने की मांग की है. उन्होंने 31 दिसंबर को दिल्ली जाकर आयोग से मुलाकात और 2 जनवरी से रैलियों के माध्यम से जनता के सामने मुद्दे रखे जाने का ऐलान किया है.
Abhishek Banerjee Babri Masjid SIR: मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण और मतदाता सूची को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार, बीजेपी और चुनाव आयोग पर कड़े सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि धार्मिक स्थल जैसे मस्जिद और मंदिर कभी भी राजनीतिक मुद्दे का हिस्सा नहीं बनने चाहिए और जो लोग धर्म का इस्तेमाल राजनीति में करते हैं, उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए.
वहां केवल ईंटें रखी हुई हैं…

मुर्शिदाबाद की बाबरी मस्जिद के निर्माण पर बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वहां केवल ईंटें रखी हुई हैं, लेकिन कुछ नेता इसे राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने हुमायूं कबीर पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे नेता, जो पहले बीजेपी से जुड़े थे, अब बाबरी मस्जिद से जुड़े विवादों में शामिल होने में क्यों आपत्ति नहीं दिखाते हैं.
बांग्लादेश में हो रही हिंसा पर मांगा जवाब

अभिषेक ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह शवों और हमलों की राजनीति करती है. उन्होंने पुलवामा हमले के समय राजनीतिक पोस्टर लगाने की घटना का उदाहरण दिया और गृह मंत्री अमित शाह से बांग्लादेश में हो रही हिंसा पर जवाब मांगा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
BLO पर भारी दबाव
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर भी उन्होंने सवाल उठाए. अभिषेक ने कहा कि बीएलओ पर भारी दबाव पड़ा, जिससे कई लोगों की मौत हुई और कुछ ने आत्महत्या की है. उन्होंने चुनाव आयोग से 1.36 करोड़ कथित गलत मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करने की मांग की, जिसमें रोहिंग्या और बांग्लादेशी मतदाता कितने शामिल हैं, इसकी जानकारी भी दी जानी चाहिए. अगर सूची जारी नहीं की जाती है, तो आयोग को माफी मांगनी चाहिए.
आगे की कार्रवाई की घोषणा करते हुए अभिषेक ने कहा कि वे 31 दिसंबर को दिल्ली जाकर चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे और बैठक का लाइव प्रसारण करने की मांग करेंगे. इसके बाद 1 जनवरी से वे सक्रिय होंगे और 2 जनवरी से सड़कों पर उतरकर रैलियां और जनसभाएं करेंगे. उनका यह अभियान पिछले 15 सालों में बंगाल पर हो रहे हमलों और अपमान के खिलाफ होगा और जनता के सामने सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करेगा.
