Russia Belarus Oreshnik missile: रूस बेलारूस के क्रिचेव एयरबेस पर नई न्यूक्लियर क्षमता वाली ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइलें तैनात कर रहा है, जिससे यूरोप पर मिसाइल हमले का खतरा बढ़ गया है.

Russia Belarus Oreshnik missile: अमेरिका ने दावा किया है कि रूस पूर्वी बेलारूस के एक पुराने एयरबेस पर नई न्यूक्लियर क्षमता वाली हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलें तैनात कर रहा है. इससे यूरोप पर मिसाइल हमले की रूस की क्षमता कई गुना बढ़ सकती है. इस जानकारी का खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन के आधार पर किया गया है. कुछ दिन पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने भी इस तरह का दावा किया था, जिसे रूस ने खारिज किया था. बेलारूस रूस का करीबी सहयोगी माना जाता है और 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के दौरान रूस ने बेलारूस के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया था.
5,500 किलोमीटर की रेंज

रूस ने ये साफ किया है कि वह बेलारूस में इंटरमीडिएट-रेंज ओरेश्निक मिसाइलें तैनात करेगा. इन मिसाइलों की अनुमानित रेंज 5,500 किलोमीटर है. हाल ही में यह जानकारी सामने आई कि ये मिसाइलें बेलारूस की राजधानी मिन्स्क से 307 किमी पूर्व और मॉस्को से 478 किमी दक्षिण-पश्चिम में, क्रिचेव के पास पुराने एयरबेस पर तैनात की जाएंगी.
सैटेलाइट तस्वीरों से मिली जानकारी

कैलिफोर्निया के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज और वर्जीनिया में CNA रिसर्च के शोधकर्ताओं ने प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला है. शोधकर्ताओं ने कहा कि उन्हें 90 प्रतिशत यकीन है कि मोबाइल ओरेश्निक लॉन्चर क्रिचेव के एयरबेस पर तैनात किए जाएंगे.
मैक 10 की रफ्तार
ओरेश्निक मिसाइलें यूरोप के लिए गंभीर खतरा हैं. रूस ने नवंबर 2024 में यूक्रेन में इस मिसाइल का परीक्षण किया था. पुतिन का दावा है कि इसकी रफ्तार मैक 10 से अधिक है, जिससे इसे रोकना मुश्किल है. यूरोप में इस हथियार की तैनाती सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन गई है.
इंटरमीडिएट-रेंज हाइपरसोनिक मिसाइलों की तैनाती
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस का यह कदम अमेरिका और यूरोप द्वारा इंटरमीडिएट-रेंज हाइपरसोनिक मिसाइलों की तैनाती के जवाब में उठाया जा रहा है. बेलारूस में इन मिसाइलों की तैनाती से यूरोप की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक स्थिति और भी जटिल हो जाएगी.
