बिहार में शुक्रवार से ही शिक्षक भर्ती TRE-4 को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है. एक तरफ प्रदर्शनकारी अपनी डिमांड को पूरा करने की मांग कर रहे हैं. तो वहीं, सरकार का रवैया उनकी तरफ तीखा होते दिखाई दे रहा है. युवाओं की बात को सुनने की बजाय पुलिस उन पर लाठीचार्ज करते दिखाई दे रही है.
क्यों किया जा रहा प्रदर्शन
अभ्यर्थियों का कहना हैं कि भर्ती प्रक्रिया में काफी समय से देरी की जा रही है. इसके कारण उनके भविष्य पर काफी प्रभाव देखने को मिल रहा है. साथ ही प्रदर्शनकारी बीपीएससी द्वारा जारी नई नियमावली का भी विरोध करते दिखाई दे रहे हैं. उनका कहना हैं कि इन नए नियमों के कारण उम्मीदवारों का काफी नुकसान हो सकता है. साथ ही उनके भविष्य पर भी असर पड़ते दिखाई दे रहा है. इसी कारण से शुक्रवार से ही अभ्यर्थी पटना कॉलेज से विरोध प्रदर्शन निकाल रहे हैं. उम्मीदवार ‘नियमावली को वापस लो’ और ‘TRE-4 विज्ञापन जारी करो’ की मांग कर रहे हैं.
पुलिस ने उठाया सख्त कदम
प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहे थे. पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की. साथ ही साथ रोकने की भी कोशिश की. हालांकि, छात्र नहीं रुके, जिसके कारण उनपर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इस एक्शन के कारण कई छात्रों को गंभीर चोटें भी आई है. पुलिस ने सभी छात्रों को हिरासत में लेकर वैन में बैठा दिया है.
सरकार ने विपक्ष को लिया निशाने पर
पुलिस के इस रवैया को देखते हुए विपक्ष ने सरकार को निशाने में लेना शुरू कर दिया है. कांग्रेस ने बिहार सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बेरोजगार युवा नौकरी के लिए और अपनी मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि, सरकार उनकी मांगो को सुनने के बजाए उनपर लाठी चला रही है. पार्टी इसे बिहार की जंगलराज की स्थिति बता रही है. बेरोजगारों की समस्या को सुनने की बजाए उनपर बल का प्रयोग किया जा रहा है. बीजेपी सरकार उन्हें पुलिस से दौड़ा-दौड़ाकर पिटवा रही है.
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