आपने कंपनी से लोगों की छंटनी कर देने के बारे में सुना ही होगा. कई कंपनी में साल के एक डेढ़ महीने ऐसा होता हैं जब कई लोगों को कंपनी से हटा दिया जाता है. हालांकि, मेटा कंपनी के छंटनी करने का तरीका काफी अलग देखने को मिला है. साथ ही काफी बड़ी संख्या में लोगों को कंपनी से निकाल दिया गया है. करीब 8000 मेटा में काम करने वाले को कंपनी से बाहर कर दिया गया है.
वर्क फ्रॉम होम देकर हटाया काम से!
दरअसल, काम से हटाने से पहले कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने मेटा कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए बोला था. हालांकि, कई लोगों को पता था कि कंपनी कुछ बड़ा करने वाली है, लेकिन किसी को भी यह नहीं पता था कि कंपनी ऐसा कुछ करने वाली है. वर्क फ्रॉम होम देने के बाद में कर्मचारियों को कंपनी से मेल आया. सबसे पहले सिंगापुर में रहने वाले कर्मचारियों को सुबह 4 बजे के करीब मेल मिला. भारतीय समय के अनुसार 1 बजे के करीब में उन्हें यह मेल भेजा गया. इसके बाद धीरे-धीरे अलग देश के भी कर्मचारी को भी यह मेल भेज गया. उन्हें मेल के जरिए नौकरी से हटा देने की सूचना दी गई. माना जा रहा हैं कि कंपनी ने घर से काम करने के लिए बोलकर मेल इसलिए भेजा ताकि वर्कप्लेस पर किसी भी तरह का तनाव न हो.
क्यों की गई छंटनी
जानकारी के मुताबिक, कंपनी एआई पर ज्यादा फोकस करना चाहती है. मेटा इस साल 125 से 145 अरब डॉलर एआई पर लगाना चाहती है. कंपनी केवल निकाल ही नहीं रही हैं बल्कि कंपनी के अंदर में बड़े बदलाव करने जा रही है. साथ ही वह छोटी और तेज काम करने वाली टीमों को बनाने पर ज्यादा जोर दे रही है.
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