1 June 2026 Rule Changes: जून से लागू होने जा रहे नए बदलावों के तहत एलपीजी सरेंडर नियम, पेट्रोल-डीजल पर नया निर्यात शुल्क, और एचडीएफसी बैंक के कैश डिपॉजिट चार्ज में संशोधन किया गया है. इसके साथ ही, सरकारी सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए स्वीकृत मॉड्यूल सूची अनिवार्य होने और मारुति कारों की कीमतों में 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी से आम जनता का बजट प्रभावित होगा.

1 June 2026 Rule Changes: जून महीने की शुरुआत के साथ देशभर में कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं. इन बदलावों का असर आम लोगों की जेब, यात्रा, बैंकिंग और वाहन खरीदने की योजनाओं पर पड़ सकता है. 1 जून से गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा होगी. ऐसे में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ भी सकते हैं या घट भी सकते हैं. फिलहाल दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है. वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2078 रुपये है. इसके अलावा सरकार ने दोहरे गैस कनेक्शन पर भी सख्ती शुरू कर दी है. जिन घरों में पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन मौजूद हैं, वहां एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कराने की प्रक्रिया तेज की जा रही है. नियमों का पालन नहीं करने वालों का कनेक्शन बंद भी किया जा सकता है.
दूसरा बड़ा बदलाव पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन से जुड़ा है. केंद्र सरकार ने इन उत्पादों के निर्यात पर नया शुल्क लगाने का फैसला किया है. यह व्यवस्था 1 जून से लागू होगी. नए नियम के तहत पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क लगाया जाएगा. डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एयर टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क तय किया गया है. इसके साथ ही हर महीने की तरह एटीएफ की कीमतों की भी समीक्षा होगी. यदि हवाई ईंधन महंगा होता है तो इसका असर विमान टिकटों पर भी देखने को मिल सकता है. ऐसे में हवाई यात्रा करने वालों का खर्च बढ़ सकता है.
बैंकिंग सेक्टर में भी जून से नए नियम लागू होने जा रहे हैं. एचडीएफसी बैंक ने अपने कुछ खातों से जुड़े नियमों में बदलाव का ऐलान किया है. अब छोटे नोट और सिक्के जमा कराने पर नई सीमा लागू होगी. 20 रुपये या उससे कम मूल्य के नोट एक महीने में 10 हजार रुपये तक बिना अतिरिक्त शुल्क के जमा किए जा सकेंगे. वहीं सिक्कों के लिए यह सीमा 5 हजार रुपये तय की गई है. तय सीमा से अधिक रकम जमा कराने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा. बैंक का कहना है कि इससे नकदी प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकेगा और बैंकिंग प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी.
जून से सोलर सेक्टर में भी एक अहम बदलाव होने जा रहा है. अब सरकारी योजनाओं और सब्सिडी वाले प्रोजेक्ट्स में केवल उन्हीं सोलर मॉड्यूल और सेल का उपयोग किया जा सकेगा जो सरकार की स्वीकृत सूची में शामिल होंगे. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सोलर उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है. हालांकि बाजार के जानकारों का मानना है कि इस फैसले के बाद सोलर पैनलों की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इससे नए सोलर सिस्टम लगवाने वाले लोगों की लागत बढ़ सकती है. लेकिन लंबे समय में बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है.
वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को भी झटका लग सकता है. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपनी कई कारों की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है. नई कीमतें 1 जून से लागू हो जाएंगी. कंपनी के मुताबिक अलग-अलग मॉडलों की कीमतों में अधिकतम 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की जा रही है. इसका असर ऑल्टो, ब्रेजा और अन्य लोकप्रिय मॉडलों पर पड़ेगा. ऐसे में जून की शुरुआत आम लोगों के लिए कई आर्थिक बदलाव लेकर आ रही है. इसलिए नई खरीदारी, बैंकिंग या घरेलू बजट की योजना बनाते समय इन नियमों को ध्यान में रखना जरूरी होगा.
