oman oil tanker attack: ओमान तट के पास कमर्शियल तेल टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर अमेरिकी मिसाइल से हमला होने का अंदेशा है, जिसमें सवार 24 भारतीयों में से 3 लापता हो गए हैं. इस गंभीर घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है और लापता नागरिकों के लिए बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है.

oman oil tanker attack: ओमान के तट के पास एक कमर्शियल तेल टैंकर पर अचानक बड़ा हमला हुआ है. इस समुद्री हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव काफी बढ़ गया है. जिस जहाज को निशाना बनाया गया है उसका नाम ‘सेटेबेलो’ बताया जा रहा है. इस व्यापारिक जहाज पर कुल 28 क्रू सदस्य सवार थे. बड़ी बात यह है कि इनमें से 24 लोग भारतीय मूल के नागरिक थे. इस भयानक हादसे के बाद से 3 भारतीय क्रू सदस्य लापता बताए जा रहे हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि बाकी 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है. यह पूरी घटना 10 जून 2026 की है. भारत सरकार ने इस हमले पर गहरा दुख जताया है और इसकी कड़ी शब्दों में निंदा की है.
इस हमले की जानकारी मिलते ही भारतीय विदेश मंत्रालय तुरंत एक्शन में आ गया है. मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास लगातार वहाँ के अधिकारियों के संपर्क में है. लापता तीनों भारतीयों को ढूंढने के लिए समंदर में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इस बीच ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी ‘एम्ब्रे’ ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. एजेंसी का कहना है कि यह हमला ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के लिए चलाए जा रहे अमेरिकी ऑपरेशन का हिस्सा हो सकता है. सुरक्षा से जुड़े कुछ अन्य सूत्रों ने भी अंदेशा जताया है कि जहाज पर अमेरिकी मिसाइल से ही हमला हुआ है.
इस गंभीर मामले को लेकर भारत सरकार ने अमेरिका के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. बुधवार को नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी यानी ‘चार्ज डी अफेयर्स’ जेसन मीक्स को तलब किया गया. विदेश मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी नागराज नायडू ने उन्हें दफ्तर बुलाकर इस हमले पर गहरी आपत्ति जताई. भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समंदर में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता. हालांकि इस पूरे मामले पर अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है.
भारत ने पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालातों और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय का कहना है कि व्यापारिक जहाजों पर हो रहे ये हमले इस पूरे इलाके में चल रहे बड़े आपसी तनाव का ही नतीजा हैं. भारत ने मांग की है कि इस पूरे क्षेत्र में शांति बनाने के लिए तुरंत युद्धविराम होना चाहिए. सभी देशों को बातचीत के जरिए मसले का हल निकालना चाहिए. इसके साथ ही भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि दुनिया के व्यापारिक रास्तों को इस तरह के राजनीतिक तनावों से दूर रखा जाना चाहिए. आम लोगों और कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए.
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार पलाऊ के झंडे वाला यह केमिकल टैंकर ओमान के सोहर बंदरगाह के पास था. तभी अचानक इसके इंजन रूम में आग लग गई थी. ओमान की नौसेना ने तुरंत मदद की पुकार सुनी और राहत के लिए अपनी टीमें रवाना कीं. दरअसल अमेरिका ने 13 अप्रैल से ही ईरान से जुड़े जहाजों पर पाबंदियां लगाना शुरू कर दिया था. ऐसा तब हुआ जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट जैसे मुख्य तेल रास्ते को लगभग ब्लॉक कर दिया था. अमेरिकी सेना ने हाल ही में कई जहाजों के रास्ते बदले हैं. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे हादसे की बारीकी से जांच कर रही हैं और लापता भारतीयों की तलाश जारी है.
