कभी न कभी आपके साथ ऐसा जरूर हुआ होगा कि आपसे दुकानदार ने प्रोड्क्ट पर लिखी MRP से 10, 20 रुपये ज्यादा लिया होगा. ज्यादातर लोग दुकानदार से थोड़ी सी बहसबाजी करते हैं और उसके बाद एकस्ट्रा पैसे देकर मामले को दबा ही देते हैं. 10, 20 रुपये के लिए अब कौन ही बहसबाजी करें, यहीं सोच के हम इसे जाने देते हैं. हालांकि, एक युवक कि समझदारी और दुकानदार की मूर्खता ने उसे 10 लाख रुपये का जुर्माना भरने पर बेबस कर दिया.
दरअसल, दुकानदार को 20 रुपये की एकस्ट्रा वसूली करना भारी पड़ गया है. ग्राहक की समझदारी ने एक उदाहरण उजागर किया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
20 की वसूली 10 लाख का जुर्माना
दरअसल, अलीगढ़ शहर के देवेश गौतम ने अपने पास की एक दुकान से क्लासिक सिगरेट खरीदी थी. पैकेट पर MRP 340 रुपये लिखी हुई थी, लेकिन दुकानदार हीरालाल वार्ष्णेय ने देवेश गौतम से 360 रुपये की डिमांड की. देवेष गौतम ने दुकानदार की डिमांड पर आपत्ति भी जताई, लेकिन दुकानदार अपनी बातों पर टिका रहा और पैकेट पर लिखी हुई MRP के अनुसार पैसे लेने से इनकार कर दिया.
देवेश गौतम ने लेकिन गंभीरता को देखते हुए 360 रुपये के भुगतान का डिजिटल रिकार्ड जमा कर लिया. भुगतान से जुड़े हुए सभी सबूतों को उसने अपने पास जमा रखा.
देवेश को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी थी. इसी का उसने उपयोग किया और जिला उपभोक्ता आयोग अलीगढ़ में उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन के तहत मामला दर्ज करवाया. हालांकि, उपभोक्ता आयोग ने दोनों की बातों को ही ध्यान से सुना, लेकिन देवेश गौतम के पास में भुगतान के पूरे सबूत थे. इसी वजह से आयोग के पास में उसका पलड़ा भारी हो गया.
आयोग ने अंत में दुकानदार को एमआरपी से अधिक पैसे वसूलने, अनुचित व्यवहार करने और उपभोक्ता संरक्षण कानून के उल्लंघन का दोषी करार दिया. आयोग ने दोषी को 10 लाख 10 हजार का जुर्माना अदा करने बोला. साथ ही MRP से अधिक पैसे वसूलने के लिए उपोभक्ता को ब्याज सहित 20 रुपये लौटाने का आदेश दिया है. आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि उपभोक्ता के अधिकारों का हनन किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
यह मामला दुकानदार के लिए उदाहरण के रूप में निकला है. इस मामले के बाद से दुकानदार सबक लेंगे और लोगों से अधिक पैसे लेने में हिचकिचाएंगे.
ये भी पढ़ें: रिश्ता टूटने के बाद खूनी वारदात! घर में घुसकर दो बहनों पर बरसाई गोलियां, हालत गंभीर
