अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी मामले में अब SIT टीम की नजरें मंदिर व्यवस्था की निगरानी के प्रमुख जिम्मेदार अनिल मिश्रा पर आकर टिक गई है. मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने उनकी भूमिका पर कई सवाल उठाए हैं.

राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच तेज
अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले में लगातार SIT की टीम जांच कर रही है. इस मामले में जांच टीम की नजर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और मंदिर व्यवस्था की निगरानी के प्रमुख जिम्मेदार डॉ. अनिल कुमार मिश्र पर टिकी हुई है. अब बताया जा रहा है कि गुरुवार यानी आज वे SIT के सामने पेश होकर अपने पक्ष को सामने रख सकते हैं.
SIT टीम कर रही पूछताछ
आपको बता दें कि इस मामले में SIT टीम लगातार पूछताछ कर रही है. टीम को एक हफ्ते के अंदर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के अंदर अंतिम रिपोर्ट को शासन को सौंपनी है. बताया जा रहा है कि टीम ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से पूरे दिन पूछताछ की गई है. आपको बता दें कि टिन्नू ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर के रूप में काम कर चुका है.
डॉ. अनिल की भूमिका पर सवाल
जांच के दौरान टिन्नू ने सीधे तौर पर डॉ. अनिल मिश्र की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसी कारण अब टीम अनिल मिश्र का पक्ष जानना चाह रही है. आपको बता दें कि चढ़ावे की गिनती, निगरानी और मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं की प्रमुख जिम्मेदारी डॉ. अनिल मिश्र के पास थी. अब SIT टीम जानना चाह रही है कि गड़बड़ियों के दौरान निगरानी कैसे की जा रही थी.
जांच से पहले चेन्नई गए थे डॉ. अनिल
SIT जांच के शुरू होने से पहले डॉ. अनिल आंखों के इलाज के लेकर चेन्नई गए थे. जिसके बाद अब अयोध्या लौटने पर उनसे पूछताछ की संभावना तेज हो गई है. आपको बता दें कि इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव से भी पूछताछ कर चुकी है. हालांकि अब अनिल मिश्रा से पूछताछ करनी बाकी है. सूत्रों की मानें तो अनिल से पूछताछ के बाद कई जानकारियां सामने आ सकती हैं.
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