तमिलनाडु के सीएम विजय ने बुधवार को केंद्र सरकार के विकसित भारत गारंटी स्कीम को लागू करने के प्रस्ताव का विरोध किया है. उन्होंने इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है.

सीएम विजय ने किया केंद्र सरकार की योजना का विरोध
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार के विकसित भारत गारंटी स्कीम को लागू करने के प्रस्ताव का बुधवार को विरोध किया है. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि इस नए फ्रेमवर्क से राज्य पर 5 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का अतिरिक्त फाइनेंशियल बोझ बढ़ेगा और ऑपरेशनल चुनौतियां पैदा होंगी. इस दौरान जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा है.
पीएम मोदी को लिखा पत्र
पीएम मोदी को पत्र लिखते हुए सीएम विजय ने कहा कि “VB G RAMG एक्ट, 2025 के कुछ प्रोविजन में जरूरी छूट और बदलाव की जरूरत है, इसके बिना स्कीम को जमीन पर बिना रुकावट और असरदार तरीके से लागू करने में काफी परेशानी होगी. उन्होंने लिखा कि इससे ग्रामीण आबादी पर काफी असर पड़ेगा, जो ग्रामीण रोजगार प्रोग्राम पर निर्भर है.
60:40 का रेश्यो जरूरी
इस दौरान उन्होंने फंड-शेयरिंग पैटर्न का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा गाइडलाइंस में वेतन, मटीरियल और एडमिनिस्ट्रेटिव हिस्सों में केंद्र और राज्य के बीच में 60:40 का रेश्यो जरूरी है. सीएम विजय ने कहा कि MGNREGS दो दशकों से एक अलग स्ट्रक्चर के तहत चल रहा था. इस अचानक बदलाव से राज्य के खजाने पर काफी प्रभाव पड़ सकता है, जिससे मजदूरी वाले रोजगार के दिन कम हो सकते हैं.
सीएम ने कहा कि मजदूरी और एडमिनिस्ट्रेटिव हिस्सों के लिए 100 फीसदी फंडिंग बनी रहे. उन्होंने कहा कि जिसमें तमिलनाडु सरकार और भारत सरकार के बीच 75:25 के आधार पर शेयर किया जाए. उन्होंने कहा कि एक जैसा फॉर्मूला वाला नेशनल अप्रोच क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विविधता को ध्यान में रखने में नाकाम रह जाता है और इससे जमीनी स्तर पर एलोकेशन में गड़बड़ी का खतरा रहता है.
