भूपेंद्र यादव के मंत्रालय से चार करीबी अधिकारियों को हटाया गया। सरकार ने कारण सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे दिल्ली में राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। समझिए पूरा मामला…

केंद्र सरकार के एक मंत्रालय में ऐसा फैसला हुआ है, जिसने दिल्ली के सत्ता गलियारों में हलचल मचा दी है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के मंत्रालय में कुछ तो बड़ा कांड हुआ है, जिसकी वजह से एक,दो या तीन नहीं बल्कि भूपेंद्र यादव के चार करीबी अधिकारियों को हटा दिया गया है और इसकी जानकारी बकायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को भेजी गई है। तो क्या सीधे प्रधानमंत्री मोदी के कहने पर इनको हटाया गया है? ऐसा क्या गड़बड़ कर दिया इन्होंने..क्योंकि पिछले 12 सालों में मोदी सरकार में ऐसा इससे पहले कभी नहीं हुआ भूपेंद्र यादव के APS सिद्धार्थ यादव को हटाया गया। भूपेंद्र यादव के निजी सचिव अमर सिंह और दो अतिरिक्त निजी सचिवों आयुष शरण और शैलेश कुमार सिंह को भी मंत्रालय से बाहर का दरवाजा दिखा दिया गया है। ये सारे लोग भूपेंद्र यादव के साथ पिछले कई सालों से थे और बहुत खास माने जाते थे। आखिर इस अधिकारियों ने ऐसा क्या किया कि, मोदी सरकार को इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा, तो क्या अब भूपेंद्र यादव की भी विदाई तय है? तो क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ-साथ पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की भी छुट्टी लगभग तय है। आइए समझते हैं पूरा मामला द ट्रुथ 24 की इस खास रिपोर्ट में….
चार करीबी अधिकारियों पर कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के APS सिद्धार्थ यादव को उनके पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा… निजी सचिव अमर सिंह… और अतिरिक्त निजी सचिव आयुष शरण तथा शैलेश कुमार सिंह को भी मंत्रालय से हटा दिया गया है। ये चारों अधिकारी लंबे समय से भूपेंद्र यादव की टीम का हिस्सा माने जाते थे और मंत्रालय में बेहद प्रभावशाली माने जाते थे। ऐसे में इन सभी को एक साथ हटाया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
अधिकारियों को क्यों हटाया गया
आखिर इन अधिकारियों ने ऐसा क्या किया कि एक साथ कार्रवाई करनी पड़ी? अब तक सरकार की ओर से इस कार्रवाई की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रशासनिक फैसला बता रहे हैं… तो कुछ इसे किसी गंभीर मामले से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि अभी तक इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या PMO तक पहुंची रिपोर्ट?
सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी है कि पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय तक भेजी गई। लेकिन क्या यह कार्रवाई सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर हुई? इस सवाल का अभी तक कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। जब तक सरकार या संबंधित मंत्रालय की ओर से स्पष्ट बयान नहीं आता… तब तक इसे केवल अटकल ही माना जाएगा।
क्या भूपेंद्र यादव की कैबिनेट से छुट्टी होने वाली है?
अब राजनीतिक हलकों में … क्या इस पूरे घटनाक्रम का असर खुद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव पर भी पड़ेगा? हाल के दिनों में मोदी कैबिनेट 3.0 की गठन की बात चल रही है ऐसे में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है, ऐसे में जिस तरह कि, कार्रवाई PMO ने पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के मंत्रालय पर किया है ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि, अब भूपेंद्र यादव की कुर्सी भी खतरे में हैं। हालांकि फिलहाल मोदी सरकार की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है कि भूपेंद्र यादव को हटाया जा रहा है। इसलिए ऐसी किसी भी संभावना को अभी सिर्फ राजनीतिक चर्चा ही माना जा सकता है।
दिल्ली में तेज हुई सियासी चर्चा
एक साथ चार अधिकारियों को हटाए जाने के बाद… दिल्ली की राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्योंकि आम तौर पर किसी मंत्री की पूरी निजी टीम में एक साथ इतने बड़े लेवल पर बदलाव बहुत कम देखने को मिलता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि… क्या सरकार इस कार्रवाई की वजह सार्वजनिक करती है… क्या संबंधित अधिकारी अपना पक्ष रखते हैं… और क्या आने वाले दिनों में मंत्रालय में कोई और बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल इतना तय है कि… भूपेंद्र यादव के मंत्रालय में हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन उन सवालों के जवाब अभी मिलने बाकी हैं। क्या यह सिर्फ प्रशासनिक फेरबदल है? या इसके पीछे कोई बड़ा कारण है? और क्या इसका असर आने वाले समय में मंत्री भूपेंद्र यादव की राजनीतिक भूमिका पर भी पड़ेगा? इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। आपको क्या लगता है, चार करीबी अधिकारियों को एक साथ हटाने के पीछे आखिर क्या वजह हो सकती है?
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