दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक में 2 रिसर्च फेलोशिप योजनाओं को मंजूरी दी गई है. इस योजना के तहत हर साल 12 फेलो एक साल के चुने जाएंगे. उन्हें इसके लिए 25,000 से 50,000 तक फेलोशिप दी जाएगी.

कैबिनेट में 2 फेलोशिप को मंजूरी
दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक की है. इस दौरान राजधानी की ऐतिहासिक विरासत के वैज्ञानिक अध्यन, डॉक्यूमेंटेशन और डिजिटाइजेशन में मदद के लिए आर्काइव और आर्कियोलॉजी क्षेत्र में 2 रिसर्च फेलोशिप योजनाओं को मंजूरी दी है. दिल्ली सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अध्ययन को बढ़ावा देना और इतिहास, पुरातत्व और विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत समूह को तैयार करना है.
विरासत को बचाना सरकार की प्राथमिकता
सीएम रेखा ने कहा कि दिल्ली सिर्फ एक राजधानी नहीं है, बल्कि इसका इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की एक जीवित विरासत भी है. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक रिसर्च, व्यवस्थित डॉक्यूमेंटेशन और आने वाली पीढ़ियों के लिए व्यापक पहुंच के जरिए इस विरासत को बचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि यह फेलोशिप रिसर्चरर्स, आर्काइविस्ट, इतिहासकारों और विरासत विशेषज्ञों को दिल्ली के इतिहास और आर्काइव विज्ञान के कई पहलुओं का अध्ययन करने के लिए एक मंच देने वाली है.
चीजों को जनता के लिए आसान बनाने पर फोकस
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत क्षेत्रों में रिकॉर्ड प्रबंधन, आर्काइव सामग्री का संरक्षण और डेटा प्रबंधन और शोध प्रकाशन से संबंधित अध्ययन शामिल है. आधिकारिक बयान के मुताबिक ‘आर्काइवल रिसर्च फेलोशिप’ का मुख्य फोकस उच्च गुणवत्ता वाले अभिलेखीय अनुसंधान और महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स को जनता के लिए आसान बनाने पर रहेगा.
हर महीने मिलेगी फेलोशिप
जानकारी के मुताबिक इस फेलोशिप के तहत हर साल 15 फेलो एक साल के लिए चुने जाएंगे. इन फेलो को 25,000 रुपए से लेकर 50,000 रुपए तक हर महीने फेलोशिप मिलेगी. बताया जा रहा है कि ये योजना दिल्ली के इतिहास, पुरातत्व, वास्तुकला और संरक्षण से संबंधित आध्ययनों को काफी बढ़ावा देगी. इसके साथ ही इसकी मदद से विरासत संरक्षण और पर्यटन भी बढ़ेगा.
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