ठंड को प्रकोप प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. तापमान में रोजाना गिरावट देखने को मिल रही है. मौसम विभाग ने आशंका जताई हैं कि आने वाले कुछ समय में ठंड और शीतलहर का प्रकोप और ज्यादा देखने को मिल सकता है. इसी कड़कड़ाती ठंड के प्रकोप के बीच एम्स के बाहर से तस्वीर आ रही है, जिसे देखकर रुह कांप जाएगी. एम्स और सफदरजंग के गेट के बाहर काफी बड़ी संख्या में लोग सोते दिखाई दे रहे हैं. खुला आसमान, ठंड़ा फर्श और दिल्ली की ठंड के बीच लोगों का ऐसे बाहर सोना सवाल खड़े करता है कि आखिर क्यों यह लोग इतनी ठंड में बाहर सोने को मजबूर है.
एम्स ने उपलब्ध कराई सुविधा
हालांकि, आपको बता दें कि ऐसे लोग जो दूर से इलाज करवाने के लिए आते हैं या किसी वजह से गेट के बाहर सोते हैं. तो ऐसे लोगों के लिए आश्रय सदन भी बनाया गया है. लोगों को इतनी ठंड में नीचे न सोना पड़े. इसी कारण से इसमें 1500 बेडों की सुविधा भी की गई है. आखिर फिर भी यह लोग क्यों अस्पताल के बाहर सोते नजर आ रहे हैं.
सुविधा के बावजुद क्यों बाहर सो रहे हैं?
बता दे कि एम्स उन अस्पतालों में से एक है जहां हर चीज का इलाज किया जाता है. यह भारत के सबसे बेस्ट हॉस्पिटल में से एक है, जिसकी वजह से लोगों को एम्स पर काफी ज्यादा भरोसा है. इसी भरोसे की वजह से लोग दूसरे शहर से यहां इलाज करवाने आते हैं. हालांकि, कई लोग वे होते हैं, जिनके पास दूसरे शहर में आकर रहने की जगह नहीं होती है. तो एक तरफ वे लोग है, जो अप्वाइंटमेट पाने के चक्कर में बाहर सोते हैं. लोगों का कहना हैं कि अगर वह वहां सोएंगे तो सुबह उन्हें डॉक्टर की अप्वाइंटमेट नहीं मिलेगी या उन्हें लंबी लाइन में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा.
बीमारी से पहले ठंड का सामना
बातचीत के दौरान लोग बताते हैं कि जिस बीमारी का इलाज करवाने वह आए उससे पहले उन्हें इस ठंड का सामना करना पड़ता है. 70 साल तक के बुजुर्ग गेट के बाहर सोते दिखाई दे रहे हैं. महिलाएं अपने बच्चे को गोद में बैठाकर गले लगा उन्हें ठंड से बचाते हुए दिखाई दे रही है. उनकी सीट कोई न लें इसलिए वह वहां कंबल या अपना कुछ जरूरी समान रखते हुए दिखाई दे रहे हैं. भारत के सबसे बड़े अस्पताल में ऐसा दिखाई देना स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता हैं.
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