जंतर-मंतर पर हो रहे प्रोटेस्ट ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है. दरअसल, 20 दिन से सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए है. उनका हाल काफी खराब हो रहा है. डॉक्टरों ने उनकी हालत पर काफी चिंता जताई है. इसी बीच एक खबर सामने आ रही है कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा 17 जुलाई के दिन सोनम वांगचुक से मिलने के लिए पहुंचे है. केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक इस मामले को लेकर कोई भी बात नहीं की गई है.
सोनम वांगचुक से मिल पवन खेड़ा ने कहा कि ‘वह चाहते कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए. केंद्र सरकार में जवाबदेही की कमी है. इसी कारण से परीक्षा का पूरा सिस्टम बैठ चुका है. पवन खेड़ा से ठीक पहले केसी वेणुगोपाल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट को शेयर किया था. कांग्रेस से पहले 16 जुलाई के दिन पर आम आदमी पार्टी के नेता, समाजवादी पार्टी के नेता और शिवसेना पहुंचे थे. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी खुद जंतर-मंतर में पहुंचे थे. उन्होंने मांग की थी की सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बना देना चाहिए.
कई बड़े नेता सोनम वांगचुक के समर्थन के लिए आगे आ रहे है. महाराष्ट्र नवनिर्माण प्रमुख राज ठाकरे ने कॉकरोच जनता पार्टी की मांगो को सपोर्ट करते हुए कहा कि केंद्र ने विरोध प्रदर्शन को खत्म करने का फैसला लिया है. पारदर्शिता केवल नीट में नहीं बल्कि सभी परीक्षाओं में भी होना चाहिए. बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक की स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के लिए बोला है.
