Ram Mandir offering theft: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले में कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर जांच का दायरा तेजी से बढ़ा दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट में हुई अहम सुनवाई के बाद जहाँ जांच के लिए नई एसआईटी गठित करने की रूपरेखा बनी है, वहीं दूसरी ओर मंदिर ट्रस्ट ने जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए अपनी वित्तीय प्रणाली में बड़े पारदर्शी सुधारों की घोषणा की है.
8 नामजद आरोपियों और उनके 46 परिजनों की संपत्तियों की जांच तेज
मामले की विवेचना कर रहे क्षेत्राधिकारी (सीओ) अयोध्या ने आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पिछले दो वर्षों के भीतर खरीदी गई सभी चल और अचल संपत्तियों की व्यापक जांच की जा रही है.नामजद मुख्य आरोपियों और उनके 46 परिजनों/रिश्तेदारों के नाम दर्ज कृषि, आवासीय, व्यावसायिक जमीनों और भवनों का पूरा ब्योरा तलब किया गया है. इसके लिए लखनऊ और अयोध्या के नगर निगम, आवास विकास परिषद और राजस्व विभाग को पत्र भेजकर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं.
तीन IPS अधिकारियों की निगरानी में बनेगी नई SIT
सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले पर हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर अब जांच के लिए एक नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया जा रहा है. इस नई एसआईटी में तीन आईपीएस (IPS) अफसरों को शामिल किया जाएगा. इसमें एक अधिकारी को पुरानी एसआईटी से भी शामिल रखा जाएगा ताकि अब तक की जांच की निरंतरता और साक्ष्य प्रभावित न हों.
मुख्य आरोपी टिन्नू यादव से हुई पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल में पता चला है कि आरोपी बेहद शातिराना तरीके से काली कमाई को ठिकाने लगा रहा था. टिन्नू पहले गाड़ियों को बैंक या फाइनेंस कंपनियों के जरिए लोन पर खरीदता था और फिर मंदिर के चढ़ावे से चोरी किए गए भारी-भरकम ‘कैश’ (नकद) से उनका पूरा भुगतान एकमुश्त कर देता था.
हर महीने सार्वजनिक होगी वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट
चढ़ावा चोरी प्रकरण के सामने आने के बाद ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने अपनी साख और श्रद्धालुओं के विश्वास को पुनर्स्थापित करने के लिए कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का फैसला लिया है. अब ट्रस्ट हर महीने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा. देश-विदेश में बैठे करोड़ों राम भक्त अब सीधे ऑनलाइन देख सकेंगे कि मंदिर में कितना दान आया, कितना खर्च हुआ और बैंक खातों की वर्तमान वित्तीय स्थिति क्या है.
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