Chandrashekhar Azad: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद दिल्ली से मेरठ जा रहे थे. इस दौरान पुलिस ने उनको राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (यूपी गेट ) पर रोक लिया. बस फिर क्या था…बड़ा हंगामा खड़ा हो गया. यह घटना शनिवार की बताई जा रही है जो आज वायरल हो रही है. पुलिस द्वारा रोके जाने पर चंद्रशेखर आजाद ने
पुलिस द्वारा रोके जाने पर चंद्रशेखर ने मीडिया को बताया, वो मेरठ के सोनू कश्यप, जिसकी मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है. बहन को मैंने चिल्लाते सुना, मां के आंसू नहीं सूख रहे हैं. जिसे जिंदा जला दिया गया. मैं उसके परिवार को सांत्वना देने जा रहा था. वो सोनू कश्यप अपने परिवार का कमाने वाला था, उसे जिंदा जलाया गया. मैं सोनू के परिवार को बताना चाहता था कि मैं इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा हूं. मैं बस इतना सा काम करने जा रहा था, लेकिन मुझे उनसे मिलने से रोक दिया गया.”
क्या मैं अछूत हूं-आजाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मुझे माहौल का हवाला देकर रोक दिया जाता है. बीजेपी को टारगेट करते हुए कहा कि बीजेपी के नेताओं के लिए सब ठीक है, उन्हें नहीं रोका जाता है. क्या सरकार नहीं चाहती है कि कश्यप समाज के लोगों को न्याय मिले? चंद्रशेखर यहीं नहीं रूके उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में मैं अछूत हो गया हूं, किसी दलित, मुसलमान या पिछड़े की हत्या कर दी जाएगी, उन पर अत्याचार होगा, तो मैं उनकी मदद करने, उनका हाथ पकड़ने या उन्हें सांत्वना देने भी नहीं जा सकता.
ये वीडियो हो रहा वायरल
इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने वायरल हुए. वीडियो में चंद्रशेखर आजाद पुलिसकर्मियों से कहते दिख रहे हैं- ‘गलती से हाथ मत लगाना… मेरा गिरेबान पकड़ोगे? मुझे कोहनी मार रहे हो।’
जानिए क्या है पूरा मामला?
चंद्रशेखर आजाद दिल्ली एयरपोर्ट से मेरठ के सरधना थाना इलाके के कपसाड़ गांव जा रहे थे. इसकी जानकारी पुलिस को मिली तो मौके पर उनको रोकने के लिए पुलिस ने इंदिरापुरम, खोड़ा और कौशांबी थाना इलाकों की फोर्स के साथ यूपी गेट पर बैरिकेडिंग कर दी. भीम आर्मी चीफ का काफिला वहां पहुंचा तो पुलिस ने उनको आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद पुलिस और समर्थकों में तीखी नोंकझोंक हो गई. पुलिस की बेरिकेंडिग के बाद चंद्रशेखर गाड़ी से उतरकर मेरठ की तरफ पैदल चलने लगे.
इस दौरान इंदिरापुरम थाना प्रभारी रविंद्र गौतम ने उन्हें रोका तो हंगामा शुरू हो गया. ये बात इतनी बढ़ गई कि पुलिस और चंद्रशेखर आजाद के बीच खींचतान तक हो गई. ये नोंकझोंक करीब 30 मिनट तक चली. पुलिस रोकने के लिए तो सांसद आगे बढ़ने की जद्दोजहद में लगे थे. इसके बाद चंद्रशेखर का बयान सामने आया जिसमें उन्होंने कहा कि जिसके साथ भी अन्याय होगा, चाहे वो किसी भी जाति का क्यों न हो, या फिर सवर्ण ही क्यों न हो, मैं जिस पर भी अन्याय होगा मैं उनके लिए आवाज उठाऊंगा.
जानिए क्या है सोनू कश्यप हत्याकांड?
मेरठ के सरधना इलाके के अक्खेपुर के जंगल में मुजफ्फरनगर के रहने वाले सोनू कश्यप उर्फ रानू का अधजला शव मिला था. इस केस में पुलिस ने एक गिरफ्तारी की थी. पुलिस जांच में पता लगा कि मृतक सोनू और टैंपो चालक दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी. इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था. जिसके बाद आरोपी ने सोनू कश्यप पर ईंट से ताबड़तोड़ हमला कर उसे जान से मार दिया. पहचान छिपाने के लिए मोबीऑयल डाला और आग लगा दी गई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज करके उसे जेल भेज दिया है.
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