Link voter id to mobile number: मतदाता पहचान पत्र यानी वोटर आईडी कार्ड अभी लोगों के बीच SIR के कारण चर्चित है. बता दें कि अभी SIR की वजह से कई लोगों के नामों को मतदाता की सूची से हटाया जा रहा है. इसी बीच एक खबर सामने आ रही है कि अब वोटर ID को अपने मोबाइल नंबर से जोड़ना यानी लिंक करना जरूरी हो गया है. नवनीप रिनवा जो कि यूपी के मुख्य सूचना अधिकारी है. उन्होंने लोगों से वोटरों को चुनावी पहचान पत्र में मोबाइल नंबर को जोड़ने की बात की है.
अगर आपका मोबाइल नंबर आपके आधार कार्ड से लिंक नहीं है तो आप इन आसान स्टेप से अपने फोन नंबर को लिंक कर सकते हैं. नंबर को जोड़ने के लिए दो स्टेप है. पहला आप चाहें तो ऑनलाइन कर सकते हैं. दूसरे में आप वोटर हेल्पलाइन नंबर से कर सकते हैं.
कैसे जोड़ें मोबाइल नंबर
आपको सबसे पहले आपको ऑफिशियल वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाना है. अकाउंट नहीं बना तो पहले साइन अप करना होगा. पोर्टल पर जाकर Fill form 8 को सेलेक्ट करना है. इसके बाद आपको अपने EPIC नंबर को डालना है. उसके बाद आपको Correction of Entries in Existing Electoral Roll
को चुनना है. आपके वहां पर कई ऑप्शन देखने को मिलेंगे, जिनमें से आपको मोबाइल नंबर वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है.
मोबाइल नंबर को डालने के बाद आपके फोन पर OTP जाएगा. ओटीपी डालने के बाद 10 से 15 दिन बाद मोबाइल नंबर Voter ID card से लिंक हो जाएगा.
हेल्पलाइन नंबर की मदद से जोड़ें नंबर
इसमें आपको सबसे पहले वोटर हेल्पलाइन एप को इंस्टाल करना है. फर्स्ट स्टेप को पूरा करने के बाद आपको फॉर्म 8 को चुनना है. इसके बाद अपने मोबाइल नंबर और एपीक नंबर को भरना है. करेक्शन करने के लिए आपको नया मोबाइल नंबर डालना है और उसके बाद ओटीपी भेजना है. नंबर दर्ज करने के बाद सबमिट कर दें. सभी प्रोसेस करने में आपको एक रेफरेंस ID दी जाएगी. उसकी मदद से आप अपने VOTER ID CARD का स्टेट्स को चेक कर सकते हैं.
वोटर ID का वोटिंग के अलावा फायदे
- वोटर ID में स्थायी पते की जरूरत नहीं होती है. किराए के मकान में रहने वाले भी आसानी से वोटर आईडी में अपनी पहचान साबित कर सकते हैं.
- वोटर ID कार्ड हर कार्यलयों और सरकारी संस्थानों में स्वीकार किया जाता है.
- अगर आप अपने मूल निवास राज्य से अलग राज्य में है. तो आसानी से इस आईडी की मदद से अपने नाम को जुड़वा सकते हैं.
- हालांकि, इससे यह भी फायदा होता है कि फर्जी मतदाता की वोट देने की संख्या कम हो जाती है. साथ ही साथ चुनाव में पारदर्शिता बनी हुई रहती है.
- इसके अलावा वोटर आईडी के कई फायदे हैं, जो आम लोगों के लिए काफी जरूरी होते हैं.
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