उत्तराखंड के ऋषिकेश की धरती फिर एक बार सनातन संस्कृति के गौरव की साक्षी बन गई है. ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक का भारी विमोचन समारोह को आयोजित किया गया.
ऋषिकेश में कल्याण पत्रिका का शताब्दी समारोह
उत्तराखंड के ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक का भव्य समारोह का आयोजन किया गया. यह समारोह सिर्फ एक पत्रिका के 100 साल के सफर का उत्सव नहीं था. यह समारोह भारत की सनातन चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक भी बना है.
गृह मंत्री अमित शाह के साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी मौजूद
इस खास कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ संदेश दिया कि देश और प्रदेश की डबल इंजन सरकार संस्कृति और सनातन और संस्कारों की रक्षा को लेकर पूरी तरह से परिपूर्ण है. गीता प्रेस और कल्याण पत्रिका ने पिछले 100 सालों में भारत को धर्म, नीति और जीवन के मूल्यों की दिशा दिखाने का काम किया है.
राज्य के स्कूलों में गीता के श्लोकों को पढ़ाए जाने का फैसला
उत्तराखंड सरकार के द्वारा राज्य में मौजूद सभी स्कूलों में गीता के श्लोकों को पढ़ाए जाने का निर्णय नई पीढ़ी को उसके मूल और संस्कारों को जोड़ने की एक मजबूत पहल है. सरकार का यह कदम सिर्फ शिक्षा तक ही सीमित नहीं रह गया है. बल्कि यह कदम नैतिकता की दिशा में भी एक मजबूत आधार को तैयार करता है.
तीर्थनगरी से योगनगरी बन रहा ऋषिकेश
जो ऋषिकेश अभी तक पूरी दुनिया में एक तीर्थ नगरी के रूप में जाना जाता था, आज वह योगनगरी को रूप में अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है. ऋषिकेश आज के समय में योग, ध्यान और आध्यात्मिक जीवनशैली का केंद्र बनकर सामने आ रहा है. आज के समय में उत्तराखंड राज्य उस रास्ते पर है, जहां परंपरा और प्रगति दोनों का एक मेल दिखाई देता है.
