प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि स्कूल परिसरों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा स्कूल कैंपस नहीं बाज़ार में किताबें बेंच सकतें हैं. हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को एक सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है. माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड के सर्कुलर को चुनौती दी गई है.
गाइड/रेफरेंस बुक्स के प्रकाशकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
गाइड/रेफरेंस बुक्स के प्रकाशकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने कहा स्कूल कैंपस में नहीं बाज़ार में किताबें बेंच सकतें हैं. माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड के सर्कुलर को चुनौती दी गई है. याचियों का कहना है कि वे गाइड व रेफरेंस बुक्स छापने और बेचने का वैध व्यवसाय करते हैं. अनुच्छेद 19(1) (जी) के तहत भारत के सभी नागरिकों को व्यवसाय करने की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकार है.
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, 5 को सुनवाई
सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड का उद्देश्य खुले बाज़ार में किताबें बेचने से रोकना नहीं है बल्कि स्कूलों के अंदर किताबों की बिक्री रोककर छात्रों के हितों की रक्षा करना है. जिसमें बोर्ड द्वारा हाल ही में जारी सर्कुलर बाजार की बिक्री में बाधा नहीं बनेंगे. हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को एक सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है. 5 मई को हाईकोर्ट अब मामले में अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस सरला श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिविजन बेंच ने मामले में सुनवाई की. एम/एस चित्रा प्रकाशन (आई) प्राइवेट लिमिटेड व अन्य की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है.
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