Uttarakhand cabinet decisions: उत्तराखंड की कैबिनेट ने आठ जरूरी फैसलों में ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 को मंजूरी दी है, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा.

Uttarakhand cabinet decisions: उत्तराखंड की कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. इस बैठक में कुल आठ बड़े निर्णय लिए गए, जिनमें राज्य के विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर खास ध्यान दिया गया. मुख्य आकर्षण उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 को मंजूरी देना रहा. यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन और हरित हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देगी.
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. ग्रीन हाइड्रोजन नीति के जरिए उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में कदम बढ़ाएगा. इसके तहत राज्य में उद्योगों और निवेशकों को हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
कैबिनेट ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए भी बड़ा फैसला किया. चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के वे कर्मचारी, जो कम से कम पांच साल की संतोषजनक सेवा पूरी कर चुके हैं, अब अपने सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति से जिला बदल सकते हैं. यह निर्णय कर्मचारियों के लिए राहत देने वाला है और उन्हें स्थायी लाभ पहुंचाएगा.
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर भी कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया. उत्तराखंड में छोटी, मध्यम और बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन मालिकों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन लेने की प्रक्रिया तय की गई है. इसके साथ ही ऊधमसिंह नगर के प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ जमीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए सिडकुल को देने के आदेश में बदलाव किया गया है.
जनजाति कल्याण विभाग के कामकाज को सुधारने के लिए देहरादून, चमोली, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में चार नए जिला जनजाति कल्याण अधिकारियों के पद बनाए गए हैं. इस निर्णय के साथ ही उत्तराखंड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा संशोधन नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई. इसका उद्देश्य विभाग की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करना और प्रशासनिक संरचना को मजबूत करना है.
भूजल उपयोग पर नए नियम भी लागू किए गए हैं. अब राज्य में गैर-कृषि कार्यों के लिए भूजल निकालने पर शुल्क देना होगा. हालांकि खेती और सरकारी पेयजल परियोजनाओं पर यह शुल्क लागू नहीं होगा. इससे राज्य में जल संसाधनों के सतत उपयोग और संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
देहरादून में एक नई निजी यूनिवर्सिटी के निर्माण को भी मंजूरी दी गई. इसे जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय के नाम से स्थापित किया जाएगा. इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना और राज्य को शिक्षा का केंद्र बनाना है. विश्वविद्यालय में शोध कार्य, रोजगार सृजन और छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
राज्य सरकार ने उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टियों को भारतीय वायु सेना को लीज पर देने का निर्णय भी लिया. यह हवाई पट्टियां सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं और अब इन्हें नागरिक और सैन्य संचालन दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. इस निर्णय से रक्षा और नागरिक उड़ानों के बीच समन्वय बढ़ेगा और राज्य में हवाई यातायात की सुविधा बेहतर होगी.

कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा, जल संसाधन और सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए ये सभी फैसले राज्य के समग्र विकास और निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ये निर्णय उत्तराखंड को आधुनिक और स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और नागरिक सुविधाओं में संतुलन बनाए रखा जाए.
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