उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक दर्दनाक मामला सामने आ रहा है. 18 फरवरी की शाम 5 बजे एक बच्चा साइकिल सीखते समय निर्माणाधीन नाले में गिर गया था. दरअसल, नाले से एक सरिया बाहर आ रहा था, जो कि बच्चे के पेट में चला गया था. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई.
बच्चे की पहचान की जा चुकी है. बच्चे का नाम कन्हैया चौरसिया है जो कि केवल 12 साल का था. वह अभी 5वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था. पिता का नाम सुंदर चौरसिया है जो कि सब्जी बेचकर अपने घर का पेट पालते है.
बेटे को साइकिल चलाने का शौक
पिता ने बताया कि उनके बेटे को साइकिल चलाने का काफी ज्यादा शौक था. इसी कारण से उन्होंने 14 फरवरी के दिन पर एक नई साइकिल खरीद कर दी थी. जानकारी के अनुसार कन्हैया चौरसिया सबसे बड़ा बेटा था. इसके अलावा उनके दो बेटे और है. बेटे की मौत से माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो रखा है. घटना चिलुआताल थाना क्षेत्र की है. जिस समय उनके बेटे के साथ यह हादसा हुआ वह राप्ती नगर विस्तार कॉलोनी में वार्ड नंबर 5 मनबेला में साइकिल चला कर वापस घर आ रहा था. हादसे के दौरान वहां पर भूमिगत केबिल ट्रंच का काम चालू था, जिसकी वजह से नाले को जिस आरसीसी स्लैब से ढका गया था. उसे हटा रखा था. नाले में से बाहर एक सरिया आ रखा था. बच्चे को साइकिल चलाने नहीं आती थी. वह उस समय सीख ही रहा था. इसी कारण से उसने साइकिल से अपना नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण वह नाले में गिर गया. नाले से बाहर आ रहा सरिया पेट में घुसने से उसकी मौत हो गई.
डेढ़ घंटे तक चला था इलाज
आसपास के लोगों ने बच्चे को देखते ही हिम्मत जुटा मदद करने की कोशिश की. सभी लोग बच्चे की ऐसी हालत देख कर काफी ज्यादा डरे हुए थे. मौके पर मौजूद लोगों ने तुंरत बच्चे के पिता को इस घटना की सूचना दीं, जिसके बाद उसे सरिया से बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अस्पताल में बच्चे को बचाने के लिए उसका डेढ़ घंटे तक इलाज किया गया, लेकिन काफी गंभीर चोट आने के कारण बच्चे को नहीं बचाया जा सका.
मामले के बाद से इलाके सुरक्षा व्यवस्था पर काफी गंभीर सवालों को खड़ा किया जा रहा है. बच्चे के पिता ने कहा कि अगर कामों को सही से किया जाता तो आज उनका बच्चा उनके पास होता है. मामले की गंभीरता और लापरवाही के कारण GDA के टेक्निकल सुपरवाइजर की सेवा को समाप्त और अवर अभियंता संजय गुप्ता के निलंबन की सिफारिश की गई है.
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