उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में कुछ ठगों ने लोगों को अंधविश्वास में डालकर करोड़ों रुपयों की ठगी कर ली. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
जिन्नात के नाम पर ठगी
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से अंधविश्वास की एक अनोखी घटना सामने आई है. यहां ‘जिन्ना’ यानी कि अदृश्य शक्तियों के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का एक मामला सामने आया है. इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि बांसखेड़ा निवासी शकील अहमद ने आईटीआई कोतवाली में मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी.
सुनियोजित तरीके से हुई ठगी
मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए शकील अहमद ने बताया कि गांव के कुछ लोगों द्वारा भरोसा दिलाया जाता था, कि कादरी पर जिन्नात आता है और पैसों को दोगुना कर देता है. आरोपियों के इसी झांसे में आकर कुछ ग्रामीणों ने अपनी पूरी कमाई को इनके हाथों में सौंप दिया. इस मामले की जांच में पता लगा है कि वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है. पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सरताज अली उर्फ कादरी बाबा, शफीक अहमद और मोहम्मद आरिफ के रूप में हुई है.
एक साल पहले शुरू हुई थी कहानी
जानकारी के मुताबिक लगभग एक साल पहले गांव में आयोजित एक जलसे में सरताज अली ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था, इसी दौरान उसने अपने भाषणों में लोगों को प्रभावित किया था और धीरे-धीरे अपनी स्कीम को फैलाना शुरू कर दिया. जानकारी के मुताबिक सरताज की इन स्कीमों ने अलग-अलग वर्ग के लोगों को निशाना बनाया है.
कई स्कीमों के नाम पर होती ठगी
इस ठगी में कई स्कीमें मौजूद थीं, जैसे 15,500 रुपए हर महीने जमा करने पर 40 दिनों बाद हर महीने 20 हजार रुपए लौटाना, मजदूरों के लिए 25 हजार 500 रुपए की योजना, विधवाओं के लिए 6,500 रुपए की योजना और बच्चियों के नाम पर 12,500 रुपए जैसी योजनाएं शामिल थीं. इसी के साथ आरोपियों के सहयोगियों ने भी कई जगहों पर प्रचार किया, कि जुड़े हुए लोगों के पास जिन्नात का पैसा आ रहा है.
1.5 करोड़ रुपए की हुई ठगी
जिसके बाद जैसे ही लोगों को इन लोगों पर भरोसा हुआ, तो सभी लोग इन्हें पैसे देने लगे. पुलिस ने बताया कि मामले में लगभग 1.5 करोड़ रुपए की ठगी हुई है. जब कुछ लोगों को इनके ऊपर शक हुआ तो उन्होंने इनसे पैसे मांगना शुरू किए, जिसके बाद में आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दिया. जिसके बाद में मामला पुलिस के पास पहुंच गया.
उत्तर प्रदेश से किए गए गिरफ्तार
जब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई तो आरोपी घर में ताला लगाकर फरार हो गए. जिसके बाद पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया और आरोपियों को उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ करके पूरे नेटवर्क के ऊपर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. मामले में 3 आरोपियों को रामपुर से गिरफ्तार किया गया है.
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