हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है. यानी अगली तारीख तक उनके खिलाफ कोई गिरफ्तारी नहीं की जाएगी.
Aavimukteshwaranand Controversy: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शंकराचार्य की अगले आदेश तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई है.
Swami Awimukteshwaranand POCSO Case: नाबालिग बटुकों से यौन उत्पीड़न के मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है.दरअसल, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मामले में एफआईआर और गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. जिस पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.
नाबालिग बटुकों से यौन उत्पीड़न के मामले में दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है
फैसले से पहले क्या बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद?
सुनवाई से पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि जो बच्चा हमारे पास कभी आया ही नहीं, उसके साथ हमारे नाम को जोड़ना सरल नहीं है. उन्होंने कहा कि बच्चा उन्हीं के साथ क्यों है? उसी के कब्जे में क्यों हैं? यूपी पुलिस उसे क्यों मौका दे रही है? नाबालिग बच्चे उसी की कस्टडी में क्यों बने हुए हैं? इसी से समझ में आता है कि यूपी पुलिस उसे संरक्षण दे रही है. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ये भी कहा कि जनता कभी झूठ नही बोलती, सब सच जानते हैं.
कोर्ट ने किए ये सवाल
इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुक्रवार को दोपहर करीब 3.45 बजे स्वामी की एंटीसिपेटरी बेल अर्जी पर सुनवाई शुरू हुई.सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि इस याचिका पर सीधे सुनवाई करना कठिन हो सकता है. कोर्ट ने पूछा कि जब सेशन कोर्ट का विकल्प उपलब्ध था तो सीधे हाईकोर्ट क्यों आए. इसके साथ ही अदालत ने कहा कि “हालांकि हाईकोर्ट के पास इस याचिका को सुनने का अधिकार है लेकिन यह उचित प्रक्रिया नहीं मानी जाएगी. पहले सेशन कोर्ट जाना चाहिए था”
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