qatar halts lng supply pakistan: कतर ने ‘फोर्स मेज्योर’ नोटिस जारी कर पाकिस्तान को दी जाने वाली एलएनजी गैस की सप्लाई रोकने का ऐलान किया है, जिससे पाकिस्तान में भीषण ऊर्जा संकट का खतरा पैदा हो गया है. मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण गैस उत्पादन प्रभावित होने से पाकिस्तान की बिजली और उद्योग व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है.

qatar halts lng supply pakistan: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब कई देशों की ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ता दिखाई दे रहा है. सबसे ज्यादा चिंता Pakistan को लेकर जताई जा रही है. खबर है कि पाकिस्तान के पास कच्चे तेल और एलएनजी गैस का भंडार बहुत कम बचा है. अगर हालात जल्दी नहीं सुधरे तो देश को गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है. बिजली उत्पादन से लेकर उद्योगों तक पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
इस बीच Qatar ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है. कतर ने ‘फोर्स मेज्योर’ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वह एलएनजी की सप्लाई रोक सकता है. इसकी जानकारी पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री Ali Pervaiz Malik ने दी है. उन्होंने बताया कि अगर सप्लाई लंबे समय तक बंद रही तो देश में ऊर्जा संकट और गहरा सकता है. पाकिस्तान पहले से ही गैस की कमी से जूझ रहा है. ऐसे में यह फैसला उसके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.
दरअसल हाल ही में Iran की ओर से कुछ मिसाइल हमले किए गए थे. इन हमलों का असर कतर के गैस संयंत्रों पर भी पड़ा. इसके बाद कतर ने एलएनजी का उत्पादन और सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी. इसी वजह से पाकिस्तान समेत कई देशों को गैस नहीं मिल पा रही है. अब कतर की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद स्थिति और गंभीर मानी जा रही है.
विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरत का बड़ा हिस्सा कतर से ही पूरा होता है. एनालिटिक्स कंपनी Kpler के आंकड़ों के मुताबिक कतर और United Arab Emirates मिलकर पाकिस्तान की करीब 99 प्रतिशत एलएनजी जरूरत पूरी करते हैं. तुलना करें तो Bangladesh की 72 प्रतिशत और India की करीब 53 प्रतिशत जरूरत भी इन्हीं देशों से पूरी होती है. हालांकि भारत के पास दूसरे विकल्प मौजूद हैं. लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए विकल्प सीमित बताए जा रहे हैं.
ऊर्जा संकट बढ़ने का असर पाकिस्तान में बिजली व्यवस्था पर भी पड़ सकता है. अगर गैस की कमी बढ़ी तो बिजली उत्पादन प्रभावित होगा. ऐसे में देश को कोयले पर ज्यादा निर्भर होना पड़ सकता है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर ऊर्जा से थोड़ी राहत मिल सकती है. लेकिन फिलहाल हालात आसान नहीं दिख रहे हैं. पाकिस्तान के पास पेट्रोलियम का भंडार भी ज्यादा दिनों का नहीं बचा है. वहीं Iran से आने वाली सप्लाई भी बंद हो चुकी है. ऐसे में आने वाले समय में पाकिस्तान के सामने ऊर्जा को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है.
