nepal election results 2026: नेपाल आम चुनाव की मतगणना में बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के गढ़ झापा-5 में 40,000 से अधिक वोटों की विशाल बढ़त बना ली है. ओली की हार लगभग तय मानी जा रही है और बालेन की पार्टी पूरे देश में नए राजनीतिक शक्ति केंद्र के रूप में उभर रही है.

nepal election results 2026: नेपाल में हुए आम चुनाव की मतगणना जारी है. 5 मार्च को हुए मतदान के बाद अब धीरे-धीरे नतीजे सामने आ रहे हैं. झापा जिले के निर्वाचन क्षेत्र नंबर 5 में मुकाबला काफी चर्चा में है. यहां नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli और Balen Shah आमने-सामने हैं. अब तक की गिनती में बालेन शाह बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इस सीट पर ओली को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है.
अब तक के आंकड़ों के मुताबिक Balen Shah को 54,096 वोट मिल चुके हैं. वहीं K. P. Sharma Oli को सिर्फ 14,031 वोट मिले हैं. इस तरह बालेन करीब 40,065 वोटों की बड़ी बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं. आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में कुल 1,06,372 वोट पड़े थे. इनमें से 84,118 वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है. अभी करीब 22,254 वोटों की गिनती बाकी है. लेकिन मौजूदा अंतर को देखते हुए मुकाबला लगभग एकतरफा माना जा रहा है.
इस चुनाव की खास बात यह रही कि Balen Shah ने सीधे ओली के गढ़ में जाकर उन्हें चुनौती दी. बालेन इससे पहले Kathmandu के मेयर थे. उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा दिया और चुनावी मैदान में उतर गए. वह Rastriya Swatantra Party की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार भी माने जा रहे हैं. चार बार प्रधानमंत्री रह चुके ओली के खिलाफ उनके ही इलाके से चुनाव लड़ना एक बड़ा जोखिम माना जा रहा था.
चुनाव प्रचार के दौरान भी दोनों नेताओं की रणनीति अलग नजर आई. K. P. Sharma Oli अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से वोट मांगते दिखे. वहीं Balen Shah ने देश के कई हिस्सों में जोरदार प्रचार किया. उन्होंने कई शहरों में रोड शो किए और बड़ी सभाएं भी कीं. भारत से सटे नेपाल के लगभग 22 जिलों में भी उन्होंने प्रचार किया. बताया जा रहा है कि इन इलाकों में उनकी पार्टी को करीब 95 प्रतिशत जगहों पर बढ़त या जीत मिली है.
ओली लंबे समय से इसी सीट से चुनाव जीतते रहे हैं. उन्होंने 1991 से अब तक झापा के इसी क्षेत्र से कई बार चुनाव लड़ा है. सिर्फ 2008 में माओवादी लहर के दौरान उन्हें हार मिली थी. इसके अलावा लगभग हर चुनाव में उनकी जीत हुई. 2017 और 2022 के चुनाव में उन्होंने करीब 50 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बार हालात बिल्कुल अलग दिख रहे हैं. अगर यही रुझान जारी रहा तो न सिर्फ K. P. Sharma Oli की हार तय मानी जा रही है, बल्कि उनकी पार्टी को भी चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है. अभी तक उनकी पार्टी सिर्फ दो सीटों पर जीत पाई है और कुछ सीटों पर मामूली बढ़त बनाए हुए है.
