जल्द ही चार धाम की यात्रा शुरू होने वाली है. बता दें कि लोग इस यात्रा के लिए इंतजार करते रहते हैं. हालांकि, अब उनका इंतजार खत्म होने वाला है. 19 अप्रैल से चार धाम यात्रा की शुरूआत होने वाली है. लोगों से लेकर सभी अधिकारी इसकी तैयारियां पहले से ही कर के रखते हैं.
मंदिर परिसर का बड़ा फैसला
इस बार सरकार ने कई फैसले तीर्थ यात्रियों को मैनेज करने लिए उठाए है. दरअसल, मंत्री परिसर ने मंदिर में एंट्री लेने वाले यात्रियों के लिए कई अहम कदम उठाए है. बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर परिसर ने फैसला लिया है कि तीर्थयात्रा के दौरान गैर हिंदुओं को एंट्री नहीं दी जाएगी. ऐसे में लेकिन एक सवाल और उठ रहा है कि क्या मुस्लिम के अलावा अन्य धर्मों को मंदिर में आने की अनुमति है कि नहीं.
मंदिर कमेटी ने घोषणा की हैं कि तीर्थ यात्रा के दौरान केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में गैर हिंदुओं को एंट्री नहीं मिलेगी. हालांकि, नियम सिर्फ दो मंदिरों तक ही नहीं है बल्कि पूरे इलाके में उनके एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल के अंतर्गत आने वाले 45 अन्य मंदिरों के ऊपर भी लागू किया जाएगा.
क्यों लिया गया यह फैसला
मंदिर अधिकारियों ने हालांकि, धार्मिक स्थलों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए फोन को भी बैन कर दिया था. कमेटी द्वारा गैर हिंदूओं के आने जाने पर रोक भी इसी कारण से हुआ है.
किन-किन धर्मों को इजाजत
मंदिर परिसर द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अन्य लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि सिख, बौद्ध या जैन धर्म वालों का भी असर दिखेगा. बता दें कि बीकेटीसी प्रेसिडेंट ने इसको लेकर भी लोगों के बीच चल रही कन्फूयजन को साफ किया है. दरअसल, संविधान के Article 25 में इन धर्मों को कानूनी और सांस्कृतिक मामलों में हिंदू परंपराओं की बड़ी परिभाषा का पार्ट के रूप में गिना जाता है. इसीलिए इन इन धर्मों के लोगों को इन नियमों से बाहर रखा गया है.
इस नियम को अभी तक 45 से 50 मंदिरों तक लागू करने की योजना बनाई गई है. कुछ मंदिरों के लिए मंजूरी मिल चुकी है और अभी भी कुछ को औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं मिली है.
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