मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण भारत में गैस की किल्लत हो गई है. देश में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. हालांकि कुछ ग्राहकों की PNG सप्लाई काटी जा सकती है, लेकिन लोगों को गैस की सप्लाई लगातार होती रहेगी.
देश में LPG गैस की किल्लत
मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव के कारण भारत में LPG गैस की किल्लत हो गई है. देश में सरकार ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को प्राथमिकता दी है. सरकार ने Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 को जारी कर दिया है. इसके चलते पेट्रोकेमिकल प्लांट और रिफाइनरी से गैस को डायवर्ट करके घरों में पाइप से आने वाली गैस की सप्लाई को बनाए रखा जाएगा.
भारत ज्यादातर मिडिल ईस्ट से खरीदता है गैस
मिडिल ईस्ट में ड्रोन हमलों के डर से समुद्री सप्लाई रूट पर खतरा बढ़ गया है. चूंकि भारत अपनी जरूरत की आधे से ज्यादा गैस इन्हीं रास्तों से आयात करता है. सरकार ने घरेलू गैस की किल्लतों से बचने के लिए Essential Commodities Act, 1955 के तहत अधिकारों का इस्तेमाल किया है. इससे जरूरत पड़ने पर मौजूदा व्यावसायिक अनुबंधों को बदलने की ताकत भी मिल जाती है.
PNG और CNG को दी जा रही प्राथमिकता
नए आदेशों के मुताबिक घरेलू PNG और वाहनों के लिए CNG को प्राथमिकता दी गई है. इन सभी सेक्टरों में 100% गैस की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी. इसका सीधा मतलब है कि राष्ट्रीय गैस ग्रिड में जब तक गैस उपलब्ध रहेगी, तब तक घरों तक गैस पहुंचती रहेगी. घरेलू गैस की पूर्ति होने के बाद ही फैक्ट्रियों या पावर प्लांट्स को दी जाएगी.
गैस की लागत में आई बढ़ोतरी
मध्य प्रदेश में मौजूद अवंतिका गैस लिमिटेड के मार्केटिंग हेड के मुताबिक युद्ध के कारण गैस की लागत में बढ़ोतरी आई है. उन्होंने बताया कि इसका घरेलू PNG के ऊपर कोई भी असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में घरों पर गैस देना प्राथमिकता में रहेगा. इसी तरह उत्तर प्रदेश के गैस अधिकारियों ने भी बताया कि लखनऊ और आगरा में PNG की मांग को लगातार पूरा किया जा रहा है. जिसके चलते लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.
बंद हो सकती है PNG की सप्लाई
गैस के दामों में बढ़ोतरी हुई है, ज्यादातर घरों में गैस की सप्लाई सामान्य रूप से बनी रहेगी, लेकिन कंपनियां बिल के भुगतान को लेकर सख्ती कर रही हैं. अगर सप्लाई पर ज्यादा दबाव आता है, तो उन उपभोक्ताओं की गैस को काटा जा सकता है, जिन्होंने लंबे समय से बिल को जमा नहीं किया है. आपको बता दें कि सरकार ने GAIL (India) Limited को पूल्ड प्राइस सिस्टम को संभालने के लिए जिम्मेदारी दी है, जिससे लोगों को और जरूरी सेक्टरों को सस्ती गैस मिलती रहे और किसी तरह की समस्या न आ पाए.
कम कर दी गई कमर्शियल गैस सप्लाई
आपको बता दें कि कमर्शियल गैस की सप्लाई को कम किया गया है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. Adani Total Gas Limited ने मामले में जानकारी देते हुए बताया है कि उसके मिडिल ईस्ट सप्लायर ने गैस की सप्लाई को कम कर दिया है. जिसके कारण इंडस्ट्रियल ग्राहकों को गैस देने में कमी हो रही है और ग्राहकों को कम गैस मिल पा रही है. सरकार ने जब से नए आदेशों को लागू किया है, उसके बाद कई बिजनेसेस को अब उनकी जरूरत का लगभग 80% हिस्सा ही मिल पाएगा. सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि दुनिया में सप्लाई के संकट के बाद भी घरों में और जरूरी सेवाओं तक गैस की सप्लाई होती रहे.
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