ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में एक 72 साल के बुजुर्ग के साथ साइबर ठगों ने 1.29 करोड़ रुपए की ठगी कर ली. बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करके इस ठगी को अंजाम दिया गया.
बुजुर्ग से 1.29 करोड़ की ठगी
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर के रहने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति से साइबर ठगों ने 1.29 करोड़ रुपए की ठगी कर ली. जानकारी के मुताबिक 6 फरवरी को ठग ने अपने आप को TRAI अधिकारी बताते हुए बुजुर्ग को कॉल किया. ठग ने उन्हें उनके सिम से अवैध काम होने का डर दिखाया. ठग ने उन्हें CBI जांच का हवाला देकर मुंबई आने के लिए कहा, जिसके बाद असमर्थता जताने पर उन्हें वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट कर लिया.
वीडियो पर दिखाई नकली अदालत और जज
बुजुर्ग व्यक्ति की पहचान सूरजपुर निवासी 72 साल के दिलीप कुमार दास के रूप में हुई है. साइबर ठगों ने दिलीप को नकली अदालत और जज दिखाकर बैंक खातों के सत्यापन के लिए पैसे ट्रांसफर करवाए. जिसके बाद जब बुजुर्ग को ठगी का एहसास हुआ तो उसने 12 मार्च को साइबर क्राइम थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई. इस वारदात को अंजाम देने के लिए ठगों ने पूरी स्क्रिप्ट को तैयार किया था.
बैंक अकाउंट बेचने का आरोप
ठगों ने दिलीप को वीडियो कॉल के जरिए उन्हें बिल्कुल अदालत जैसा सिस्टम दिखाया. इस दौरान जज और नकली पुलिस के लोग भी बुजुर्ग को दिखाए गए. बुजुर्ग के ऊपर ठगों ने बैंक अकाउंट को बेचने और करोड़ों रुपए के अवैध लेनदेन का आरोप लगाया. जिसके बाद बुजुर्ग को ये सभी बातें सच्चाई लगने लगीं, जिसके बाद इसी डर का पायदा उठाकर ठगों ने उनके खाते के वेरिफिकेशन करने के लिए पैसे मांग लिए.
RTGS और UPI से मंगाए पैसे
साइबर ठगों की बातों के दबाव में आकर दिलीप कुमार ने कई तारीखों में RTGS और UPI के जरिए कुल 1,29,61,962 रुपए कई खातों में भेजे. इस ठगी को असली दिखाने के लिए ठगों ने सुप्रीम कोर्ट और मुंबई पुलिस के नाम का एक नकली नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी भेज दिया गया. जिसके बाद जब कई दिनों तक पैसे वापस नहीं आए तो बुजुर्ग को इस ठगी का एहसास हुआ. फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है.
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