balendra shah swearing in ceremony nepal: नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह रामनवमी के दिन दोपहर 12:44 बजे एक भव्य और धार्मिक समारोह में शपथ लेंगे. ‘Gen Z’ आंदोलन के बाद सत्ता में आए शाह का यह शपथग्रहण हिंदू और बौद्ध परंपराओं के संगम के साथ देश में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत माना जा रहा है.

balendra shah swearing in ceremony nepal: नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ एक खास शपथग्रहण समारोह होने जा रहा है. नए प्रधानमंत्री के रूप में बालेन्द्र शाह शपथ लेंगे. इस बार का समारोह पारंपरिक और धार्मिक तरीके से आयोजित किया जाएगा. माहौल बिल्कुल प्राचीन राजतिलक जैसा होगा. शंख, घंटियां और मंत्रों की आवाज से पूरा वातावरण गूंजेगा. इस आयोजन को खास बनाने के लिए अलग-अलग तैयारियां की जा रही हैं.
इस शपथग्रहण की सबसे खास बात इसकी तारीख और समय है. समारोह रामनवमी के दिन रखा गया है. यह वही दिन है जब भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है. शपथ का समय दोपहर 12 बजकर 44 मिनट तय किया गया है. इसी समय अयोध्या राम मंदिर में भी विशेष पूजा होती है. इस वजह से इस कार्यक्रम का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है.
नेपाल में हाल ही में हुए ‘Gen Z’ आंदोलन के बाद राजनीतिक स्थिति बदल गई थी. पुराने हालात खत्म हुए और नए चुनाव कराए गए. इस आंदोलन में बालेन्द्र शाह एक मजबूत चेहरा बनकर सामने आए. लोगों ने उन्हें समर्थन दिया. अब वह देश की सत्ता संभालने जा रहे हैं. इस कारण उनका शपथग्रहण सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बड़े बदलाव का प्रतीक भी माना जा रहा है.
इस समारोह को धार्मिक रूप देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. 108 हिंदू बटुक मिलकर स्वस्ति वाचन करेंगे. इसे शुभ माना जाता है. इसके साथ ही 107 बौद्ध लामा गुरु भी मंत्र पाठ करेंगे. यह शांति और समृद्धि की कामना के लिए होगा. इसके अलावा 7 ब्राह्मण शंखनाद करेंगे. इससे पूरा माहौल और ज्यादा पवित्र और भव्य बनेगा.
यह आयोजन नेपाल की विविध संस्कृति को भी दिखाएगा. यहां हिंदू और बौद्ध दोनों परंपराओं को साथ लेकर चलने की कोशिश दिखाई देगी. शपथग्रहण के जरिए एकता और संतुलन का संदेश दिया जाएगा. कुल मिलाकर यह समारोह सिर्फ सरकार बनने का कार्यक्रम नहीं होगा. यह एक नई शुरुआत, नई उम्मीद और देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला खास मौका माना जा रहा है.
