महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन हादसे में मौत हो गई है. फिलहाल अभी हादसे के पीछे की असली वजह पता नहीं लगी है, लेकिन इसको लेकर कई रिपोर्टस अलग-अलग दावे कर रही हैं.
बुधवार सुबह करीब 9 बजे महाराष्ट्र के बारामती में एक प्लेन हादसा हुआ, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत हो गई. हादसे के पीछे कई वजहों को माना जा रहा है. लोगों का अलग-अलग मानना है. हादसे के पीछे के कारणों को लेकर Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) और DGCA ने जांच को शुरू कर दिया है. प्लेन हादसे के बाद विमान के ब्लैक बॉक्स को रिकवर किया जा रहा है. इस हादसे के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं.
खराब मौसम और कम विजिबिलिटी
जानकारी के मुताबिक सुबह के समय में पुणे के बारामती इलाके में काफी घना कोहरा था. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक सुबह के समय पूरे इलाके में विजिबिलिटी काफी कम थी, जिसके चलते पायलट को लैंडिंग में दिक्कत आई थी. FlightRadar24 के मुताबिक पहले विमान ने गो-अराउंड यानी दूसरा चक्कर भी लगाया, लेकिन दूसरी कोशिश में विमान क्रैश हो गया. कुछ रिपोर्ट्स का मानना है कि कोहरे और खराब मौसम के कारण यह हादसा हुआ है.
तकनीकी खराबी
इस हादसे के पीछे विमान की तकनीकी खराबियों के बारे में भी बात की जा रही है. इस हादसे के कारणों की शुरुआती जांच में तकनीकी गड़बड़ी होने की आशंका भी जताई जा रही है. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि प्लेन ने पहले अपना कंट्रोल खो दिया और फिर रनवे से फिसल गया, जिसके बाद क्रैश लैंडिंग हुई और प्लेन में आग लग गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक प्लेन के इमरजेंसी लैंडिंग करने की कोशिश भी की थी. इस विमान के साथ साल 2023 में भी मुंबई एयरपोर्ट पर रनवे से फिसलने का हादसा हुआ था. जिसके कारण इसके मेंटेनेंस और मैकेनिकल इश्यू की जांच की जा रही है.
पायलट एरर या कॉम्बिनेशन ऑफ फैक्टर्स
विमान की लैंडिंग के समय पर पायलट के ऊपर काफी ज्यादा प्रेशर होता है. लैंडिंग फेज में कम ऊंचाई और कम समय में प्रतिक्रिया करनी होती है. इस हादसे के पीछे यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि कोहरा और टेक्निकल इश्यू और पायलट की गलती तीनों के कॉम्बिनेशन के कारण यह हादसा हुआ है. IATA के आंकड़ों के अनुसार ज्यादातर विमान हादसे लैंडिंग या टेकऑफ के समय पर ही होते हैं, क्योंकि इस समय रिस्क काफी ज्यादा होता है.
फिलहाल अभी तक इस हादसे के पीछे के अली कारणों का पता नहीं लग पाया है. इसके लिए AAIB और DGCA जांच कर रही है. इस हादसे की जांच करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने भी एक उच्च स्तरीय जांच समिति बनाई है.
