Prayagraj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के अरैल क्षेत्र में प्रस्तावित इलेक्ट्रिक शवदाह गृह के निर्माण कार्य पर अंतरिम रोक लगा दी है. कोर्ट ने एक निजी स्कूल की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब तलब किया है.
सीलबंद लिफाफे में मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों को 30 जुलाई तक सीलबंद लिफाफे में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई और अगले आदेश तक शवदाह गृह से संबंधित किसी भी प्रकार का निर्माण या अन्य कार्य नहीं किया जाएगा.याचिका में दावा किया गया है कि जिस स्थान पर इलेक्ट्रिक शवदाह गृह का निर्माण किया जा रहा है, वह क्षेत्र नदी तट विकास (रिवरफ्रंट डेवलपमेंट) के लिए निर्धारित है और वहां अन्य प्रकार के निर्माण कार्य नियमों के विपरीत हैं.
याची पक्ष ने यह भी कहा कि प्रस्तावित शवदाह गृह एक निजी स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है. इससे स्कूल में अध्ययनरत बच्चों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और शैक्षणिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
निर्माण कार्य पर लगी रोक
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी और संबंधित विभागों से विस्तृत जवाब मांगा ह. अब मामले की अगली सुनवाई में विभागों की ओर से दाखिल जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.
