बाबा सिद्दिकी हत्याकांड में मुंबई की विशेष अदालत ने पुलिस की सुस्ती पर नाराजगी जताई है. कोर्ट ने आरोपी की कस्टडी न लेने के कारण मुंबई पुलिस को फटकार लगाई है. कोर्ट ने आरोपी की कस्टडी लेने के निर्देश भी दिए हैं.

बाबा सिद्दिकी हत्याकांड पर कोर्ट सख्त
मुंबई की विशेष अदालत ने बाबा सिद्दिकी हत्याकांड के आरोपी की कस्टडी लेने में पुलिस की सुस्ती पर नाराजगी जताई है. अदालत ने गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की कस्टडी लेने के मामले में पुलिस को साफ निर्देश दिया है कि आरोपी की हिरासत को सुनिश्चित किया जाए. अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आरोपी की कस्टडी के लिए पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया है.
पिछले साल से NIA की कस्टडी में आरोपी
अदालत ने इस दौरान कहा कि पिछले साल प्रत्यर्पण के बाद आरोपी NIA की हिरासत में है, जिसके बाद भी मुंबई पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए कस्टडी में लेना जरूरी नहीं समझा है. विशेष अदालत ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिए हैं कि कानून के सभी उपाय को अपनाकर आरोपी को हिरासत में लें और उसे कोर्ट के सामने पेश करें. कोर्ट ने कहा कि किसी गंभीर हत्या के मामले में जांच एजेंसी को उसके कर्तव्यों की याद दिलाना अदालत का काम नहीं होता है.
बाबा सिद्दिकी की पत्नी ने लगाया था आरोप
मामले में विशेष अदालत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि अदालत BNSS में निर्धारित प्रक्रिया के पालन और फरार आरोपी की अदालत में पेशी को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी कर रही है. आपको बता दें कि बाबा सिद्दिकी की पत्नी ने अपने वकील के माध्यम से याचिका को जारी किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जांच एजेंसी हत्या के पीछे की बड़ी साजिश की जांच करने में विफल रही है.
मुख्य साजिशकर्ता है अनमोल बिश्नोई
बाबा की पत्नी ने कहा कि एजेंसी अनमोल बिश्नोई को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चिह्नित किया है, लेकिन उसके बाद भी जानबूझकर उसे हिरासत में लेने से बच रही है. हालांकि अदालत ने यह साफ किया है कि वो जांच एजेंसी की मंशा पर कोई भी टिप्पणी नहीं कर रही है, लेकिन रिकॉर्ड से यह साफ हो गया है कि एजेंसी ने कानून में मौजूद उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल नहीं किया है.
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