America iran tension: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंका गहराती जा रही है, वहीं ईरान के भीतर भी सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं. इस माहौल में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के गुप्त बंकर में छिपे होने की खबरें सामने आई हैं.

America iran tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज होता दिख रहा है. ईरान में इन दिनों सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. सुरक्षा बलों ने इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए सख्ती की है. इसी बीच हालात को देखते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. इससे युद्ध होने की आशंका और गहरी होती जा रही है.
अमेरिका ने अपने शक्तिशाली युद्धपोत और मिसाइल सिस्टम को अलर्ट पर रखा है. न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन समेत कई अमेरिकी जहाज मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं. टोमाहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस डिस्ट्रॉयर भी तैनात किए गए हैं. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर जनता पर दमन जारी रहा, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है. इस बयान के बाद हालात और खाराब हो गए हैं.
इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को लेकर उठ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई इस समय एक बेहद सुरक्षित गुप्त बंकर में रह रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह बंकर तेहरान के उत्तर-पूर्व में स्थित लवीजान इलाके में है. यह इलाका पहले से ही सैन्य और परमाणु रिसर्च गतिविधियों के लिए जाना जाता है. यहां आम लोगों की पहुंच बेहद सीमित है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बंकर जमीन के काफी नीचे बना हुआ है. इसकी गहराई करीब 90 से 100 मीटर या उससे भी ज्यादा बताई जाती है. इसे हवाई हमलों और बमबारी से बचाने के लिए खास तकनीक से तैयार किया गया है. खामेनेई के साथ उनका परिवार भी यहीं मौजूद है. उनकी सुरक्षा एक बेहद गोपनीय और विशेष दस्ते के हाथ में है. कहा जाता है कि यह यूनिट इतनी सीक्रेट है कि इसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है.

खामेनेई की उम्र करीब 86 साल है. सुरक्षा कारणों से वे अक्सर अपना ठिकाना बदलते रहते हैं. माना जाता है कि इजरायल के साथ पिछले टकराव के दौरान भी वे इसी तरह के बंकर में शिफ्ट हुए थे. अमेरिका और इजरायल को उनकी लोकेशन की जानकारी होने के दावे किए जाते रहे हैं. हालांकि अब तक कोई सीधा हमला नहीं हुआ है. जानकार मानते हैं कि अगर खामेनेई को निशाना बनाया गया, तो ईरान में सत्ता संतुलन पूरी तरह बदल सकता है. फिलहाल हालात तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं.
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