अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से हुई चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में आज देश की सर्वोच्च अदालत में एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है. इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अदालत के निर्देशानुसार अपनी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है. आज होने वाली इस सुनवाई पर पूरे देश और श्रद्धालुओं की निगाहें टिकी हुई हैं.
एसआईटी की रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी इस प्रगति रिपोर्ट में अब तक की जांच का पूरा ब्योरा शीर्ष अदालत के सामने रखा है. इसमें मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव से पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ, चोरी की रकम से खड़े किए गए रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन कंपनी के नेक्सस और एलएंडटी (L&T) अधिकारियों को हॉस्टल व गाड़ियां किराए पर दिए जाने से जुड़े ‘मनी ट्रेल’ का पूरा विवरण शामिल है. इसके साथ ही, मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को लेकर भी एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में महत्वपूर्ण बिंदु दर्ज किए हैं.
यह सुनवाई इसलिए भी बेहद संवेदनशील मोड़ पर हो रही है, क्योंकि हाल ही में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे निर्मोही अखाड़े ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है. अखाड़े ने अपनी याचिका में मांग की है कि चढ़ावा चोरी जैसी गंभीर घटनाओं को रोकने के लिए ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ का पुनर्गठन किया जाए और पूरी व्यवस्था को श्रद्धालुओं व देश के प्रति और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाया जाए.
कोर्ट के रुख पर टिकीं निगाहें
सुप्रीम कोर्ट आज एसआईटी की इस स्टेटस रिपोर्ट की समीक्षा करेगा. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर अदालत मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा और ट्रस्ट की जवाबदेही को लेकर कोई बड़ा दिशा-निर्देश या सख्त आदेश जारी कर सकती है. इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क पर भी आज की अदालत की टिप्पणी से जांच की आगे की दिशा तय होगी.
