बांकीपुर विधानसभा चुनाव ने अलग ही मोड़ ले लिया है. बता दें कि बीजेपी के प्रत्याशी अभिषेक कुमार ने अपना नामांकन वापस ले लिया. अब बीजेपी ने नए उम्मीदवार में नीरज कुमार सिन्हा को चुना गया है. अभिषेक कुमार के बदले नीरज कुमार सिन्हा को लाने पर जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तंज कसा है. उन्होंने बीजेपी को लड़ाई छोड़कर भाग जाने वाला घोषित कर दिया है.
लड़ाई शुरू होने से पहले ही भागे
प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह उस क्षेत्र से भागे है, जिसको कल तक बीजेपी का ही किला बता रहे थे. जिस सीट के लिए उन्होंने कहा था कि कुत्ता-बिल्ली को भी खड़ा किया जाएगा तो वह भी जीत जाएगा. आज लेकिन उनके पास में प्रत्याशी तक नहीं है. यह प्रशांत किशोर और जनसुराज की ताकत नहीं है क्योंकि हम लोगों का संगठन नहीं है. हम सभी देख रहे हैं कि उनके कैंडिडेट लड़ाई शुरू होने से पहले ही भाग रहे हैं. दूसरे वाले अब आए हैं देखते हैं ये लोग कितने दिन तक टिक पाते हैं. लोकतंत्र की ताकत और बांकीपुर के लोगों ने यह दिखाया कि जैसे ही सभी जाति-धर्म, दल और नेता वाली लड़ाई की लड़ाई को छोड़ देते हैं तो वह मैदान से ही भाग जाते हैं.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं पहली बार जीवन में चुनाव लड़ रहा हूं. कोई विधायक, मंत्री या सांसद नहीं हूं. यहां कि जनता लेकिन फिर भी खड़ी है. नवंबर 2025 में बिहार के लोगों के साथ जो ठग हुआ है. बदलाव का जो नारा लोगों को दिया गया था वह जीतने के बाद नहीं किया गया. काम तो नहीं बल्कि लोगों के राशन कार्ड से नाम तक को हटवा दिया गया है. स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर पढ़ रहे बच्चे को इतनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा क्योंकि उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है. सिलेंडर के दाम बढ़ चुके हैं. बरसात शुरू हो चुके है फिर भी नाली-गली की सफाई नहीं की गई है. लोग लेकिन इस बार हिसाब चाहते हैं. जवाब मांगना चाहते है. साफ दिखाई दे रहा है. इसी भय से बीजेपी मैदान छोड़ रही है.
बता दें कि अभिषेक कुमार सिन्हा ने पारिवारिक हवाला देकर चुनाव न लड़ने की बात कही है. इसी कारण से बीजेपी ने शुक्रवार को नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार घोषित किया है.
