Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने कहा, “कल जो बैठक हुई थी वो दो स्थान पर हुई थी. पहला मंदिर परिसर में और दूसरी बैठक संग्रहालय में.पहली बैठक में मुख्य रूप से निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई थी। अब हम लोगों का ध्यान L&T(लार्सन एंड टुब्रो)-TC प्रमाणपत्रों को जल्द ही पूर्ण करने पर है. बैठक के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत करते हुए नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण कार्यों की प्रगति और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिए गए कई बड़े और नए फैसलों की जानकारी साझा की.
दो अलग-अलग स्थानों पर बैठक
निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यह महत्वपूर्ण बैठक दो अलग-अलग चरणों और स्थानों पर आयोजित की गई थी. पहली बैठक मुख्य राम मंदिर परिसर में हुई, जहां वर्तमान में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की गई. उन्होंने बताया कि अब प्रबंधन का पूरा ध्यान कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टुब्रो (L&T-TC) के प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने पर केंद्रित है. इसके बाद दूसरी बैठक ‘राम कथा संग्रहालय’ में आयोजित की गई, जहां कई दूरगामी निर्णय लिए गए.
भीड़ नियंत्रण के लिए बनेगा ‘दिव्य दर्शन’ कॉरिडोर
बैठक में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को सुव्यवस्थित करने पर विशेष चर्चा हुई. नृपेंद्र मिश्र ने बताया, “मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या बहुत अधिक रहती है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब हम यहां पर ‘दिव्य दर्शन’ का एक विशेष कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं. इसके तहत संग्रहालय में एक भव्य और आधुनिक गैलरी तैयार की जाएगी.” रामलला से दर्शन कराते हुए कुबरे टीला तक ले जाएंगे. इसके लिए निर्णय लिए जा चुके हैं. इस नए प्रोजेक्ट के तहत संग्रहालय में आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के उन हिस्सों का भी दीदार कराया जाएगा, जहां सुरक्षा या अन्य कारणों से आम लोग आसानी से नहीं पहुंच पाते.
चार महीने में तैयार होगा
इस विशेष गैलरी के लिए राम मंदिर के भूतल (Ground Floor) के भव्य दृश्यों को समेटते हुए सीधे कुबेर टीला तक के मार्ग और दृश्यों को पेशेवर तरीके से शूट किया जाएगा. विस्तार से इस पर मीटिंग में चर्चा की गई. इस पूरे डिजिटल और फोटोग्राफी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक निर्णय लिए जा चुके हैं. इसे तैयार करने में लगभग 4 महीने का समय लगेगा, जबकि इसके लिए विशेष फोटोग्राफी और शूटिंग का काम अगले 2 सप्ताह के भीतर ही शुरू कर दिया जाएगा.
‘राम कथा संग्रहालय’ के भीतर ही राम मंदिर की भव्यता
इस नई व्यवस्था के लागू होने से न सिर्फ मुख्य मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम होगा, बल्कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को ‘राम कथा संग्रहालय’ के भीतर ही राम मंदिर की भव्यता और कुबेर टीला के ऐतिहासिक महत्व को बेहद करीब से और डिजिटल माध्यम से देखने का एक अद्भुत और दिव्य अनुभव प्राप्त हो सकेगा.
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