इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच हो रहे युद्ध के ऊपर चीन ने फिर प्रतिक्रिया दी है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस युद्ध को तुरंत ही रोका जाए. चीन इसकी कड़ी निंदा और विरोध करता है.
मिडिल ईस्ट युद्ध में चीन की प्रतिक्रिया
दुनिया में इन दिनों एक अलग माहौल बना हुआ है. इजरायल और अमेरिका ने ईरान के ऊपर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमले शुरू कर दिए. ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई देशों पर हमला किया है. अब इस युद्ध को लेकर चीन की प्रतिक्रिया सामने आई है. चीन ने एक बार फिर से इजरायल-अमेरिका और ईरान, तीनों देशों को युद्ध रोकने के लिए कहा है.
चीन इस युद्ध का कड़ा विरोध करता है
जानकारी के मुताबिक चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता पर हमला और उनकी हत्या कर देना, ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा को सबसे बड़ा उल्लंघन है. चीन ने कहा कि ये संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों, उसके सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी स्टैंडर्ड का उल्लंघन है. इस युद्ध को लेकर मंत्रालय ने कहा कि चीन इस युद्ध का कड़ा विरोध और निंदा करता है.
ईरान ने खरीदी थीं चीन से मिसाइलें?
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम इस युद्ध को तुरंत रोकने और तनाव की स्थिति को बढ़ने से रोकने और मिडिल ईस्ट और दुनिया में शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए मिलकर कोशिश की अपील करते हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि उन्हें अमेरिका के इन सैन्य ऑपरेशन की जानकारी पहले से नहीं दी गई थी. ईरान के द्वारा चीन से मिसाइलें खरीदने की खबरों को वहां के विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया है और उन्हें झूठ बताया है.
पहले भी दी थी प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत फू कोंग ने युद्ध लड़ रहे तीनों देशों को पहले भी हमलों को रोकने की सलाह दी थी. उन्होंने पहले भी कहा था कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने का सही तरीका सैन्य बल नहीं होता है, उन्होंने कहा था कि इससे सिर्फ नफरत बढ़ती है. फू कोंग का कहना है कि चीन इस युद्ध को तुरंत ही रोकने और स्थिति को और ज्यादा न बिगड़ने देने की अपील करता है.
