लखनऊ: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार शाम को सड़क सुरक्षा के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई. मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी, अमरोहा, आगरा और अलीगढ़ जैसी जगहों पर हुए हालिया सड़क हादसों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें देश और राज्य की अपूरणीय क्षति हैं. सड़क हादसों को रोकने के लिए सीएम योगी ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग को निर्देशित किया है. उन्होंने कहा कि सभी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी और शासन स्तर पर हर 15 दिन में समीक्षा होगी.

हादसों को रोकने के लिए ‘टॉप टू बॉटम’ सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय
सीएम ने साफ तौर पर निर्देश दिया कि सड़कों पर स्टंटबाजी, ओवर स्पीडिंग और शराब पीकर गाड़ी चलाना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही, हादसों को रोकने के लिए ‘टॉप टू बॉटम’ सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. शासन स्तर पर हर 15 दिन में इसकी प्रगति की समीक्षा होगी.
स्कूली वाहनों पर शिकंजा
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस के कोई भी स्कूल वाहन सड़क पर नहीं उतरना चाहिए और बार-बार चालान होने वाले वाहनों के परमिट निरस्त किए जाएं. लोक निर्माण विभाग को प्रदेश की सड़कों के ‘ब्लैक स्पॉट’ चिह्नित कर उन्हें समय सीमा के भीतर ठीक करने, साइनेज लगाने और टेबलटॉप स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही हाईवे और एक्सप्रेसवे पर नियमित पेट्रोलिंग के साथ-साथ एंबुलेंस और नजदीकी अस्पतालों में इलाज के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है ताकि घायलों को समय पर उपचार मिल सके.
ब्लैक स्पॉट और पेट्रोलिंग
पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़कों के ‘ब्लैक स्पॉट’ दुरुस्त करेगा. हाईवे-एक्सप्रेसवे पर नियमित पेट्रोलिंग और घायलों के त्वरित इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों को मुस्तैद रखा जाएगा.
अवैध स्टैंड तुरंत हटाए जाएं
मुख्यमंत्री योगी ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि सड़कों से अवैध स्टैंड तुरंत हटाए जाएं और सड़क किनारे होने वाली बेतरतीब पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए.
