देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर (सहसपुर थाना क्षेत्र) अंतर्गत बैरागीवाला गांव में पानी लगाने के मामूली विवाद ने एक बड़े और खौफनाक सांप्रदायिक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया है. गांव में समुदाय विशेष के हमलावरों द्वारा घर में घुसकर किए गए जानलेवा हमले में भाजपा कार्यकर्ता विनोद कश्यप की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं.
पानी लगाने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस को दी गई आधिकारिक तहरीर और मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित अशोक कुमार का उनके पड़ोसी इश्तियाक के साथ ट्यूबवेल से खेत में पानी लगाने को लेकर पुराना विवाद चल रहा था. आरोप है कि इसी रंजिश के चलते बीती शाम करीब 6:00 बजे पड़ोसी पक्ष के रज्जाक, इश्तियाक, अमन, यूनुस और उनके रिश्तेदारों सहित करीब 30 से 35 लोग पूरी तैयारी के साथ लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और हथौड़ों से लैस होकर अशोक कुमार के घर पर धावा बोल दिया. हमलावरों ने घर में घुसते ही पूरे परिवार पर बेहद बर्बरता और क्रूरता से जानलेवा हमला कर दिया.
विनोद कश्यप की मौके पर ही दर्दनाक मौत
हमलावरों ने धारदार हथियारों और हथौड़ों से सीधे सिर पर कई वार किए. इस जानलेवा मारपीट में अशोक कुमार के बड़े भाई और भाजपा कार्यकर्ता विनोद कश्यप की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. वहीं, बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्य राजेश कुमार, अशोक कुमार और सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लहूलुहान हालत में हरबर्टपुर के लेहमन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.
जैसे यूपी में योगी का बुलडोजर चलता है, वैसे ही इनके घर तोड़े जाएं-पीड़ित पिता
मृतक विनोद के बुजुर्ग पिता भगवत कश्यप ने सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा, “इन हत्यारों ने मेरे निर्दोष बेटे को बेरहमी से मार डाला. हमारी मांग है कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाती है, उसी तरह उत्तराखंड शासन भी इन आरोपियों के खिलाफ कड़ा एक्शन ले.
12 नामजद समेत 25-30 अज्ञात पर केस, गांव में भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई थानों और कोतवाली की पुलिस फोर्स और पीएसी को तुरंत बैरागीवाला और अस्पताल परिसर में तैनात किया गया है.सहसपुर थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित पक्ष की लिखित तहरीर के आधार पर रज्जाक, अमन, इश्तियाक और यूनुस समेत 12 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 25 से 30 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या, दंगा भड़काने और जानलेवा हमले की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने मुख्य आरोपियों रज्जाक और अमन सहित कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी है.
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