राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में पुलिस ने नाइजीरियाई नागरिकों को अपनी हिरासत में लिया है. आपको बता दें कि पुलिस ने अवैध रूप से रहने वाले 7 नाइजीरियन को गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने 7 नाइजीरियन को किया गिरफ्तार
दिल्ली में पुलिस के द्वारा द्वारका इलाके में 7 नाइजीरियन नागरिकों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस के अनुसार ये सभी नागरिक वीजा की वैलिडिटी खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहे थे, और वहीं कुछ नागरिकों के पास में भारत में रुकने के लिए जरूरी और वैलिड कागज नहीं थे. जिसके बाद पुलिस ने 7 नागरिकों को हिरासत में ले लिया है.
पुलिस ने चलाया वेरिफिकेशन ड्राइव
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने यब कार्रवाई 24 दिसंबर को एक सूचना के मिलने के आधार पर की है. द्वारका पुलिस की टीमों ने सूचना मिलने के बाद में पूरे इलाके में वेरिफिकेशन ड्राइव को चलाया था. इस वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान पुलिस ने अवैध रूप से रहने वाले 7 नाइजीरियाई नागरिकों को हिरासत मे लिया है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों का वीजा पहले ही एक्सपायर हो चुका था, तो वहीं कुछ लोग बिना किसी ऑफिशियल परमिशन के ही भारत में रह रहे थे.
हिरासत में लेने के बाद कराया गया मेडिकल चेकअप
द्वारका पुलिस की इस कार्रवाई के बाद में एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया है, कि जिन नाइजीरियाई नागरिकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है, उनके पास वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे, अधिकारी ने बताया है कि सभी को हिरासत में लेने के बाद उनका मेडिकल चेकअप कराया गया है, जिससे आगे की कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके.
डिटेंशन सेंटर भेजे गए नागरिक
पुलिस द्वारा सभी नागरिकों का मेडिकल चेकअप कराने के बाद में उन्हें फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) में ले जाया गया है. FRRO द्वारा मामले की जांच करने के बाद में हिरासत में लिए गए सभी नाइजीरियाई नागरिकों को वापस डिपोर्ट करने के लिए डिपोर्टेशन का आदेश दे दिया गया है. आदेश मिलने के बाद में सातों नागरिकों को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है. डिपोर्टेशन की फॉर्मेलिटीज पूरी होने तक ये सभी नागरिक डिटेंशन सेंटर में ही रहेंगे.
जारी रहेगी इस तरह की कार्रवाई
द्वारका में 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार करने के बाद में पुलिस का कहना है, कि दिल्ली में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई को समय के साथ किया जाता है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस तरह के अभियानों को जारी रखा जाएगा, जिसमें विदेशी नागरिकों की पु्ष्टी होती रहेगी. नियमों को तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

