दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता मिली है. हालांकि, यह सफलता उन्हें 35 साल बाद मिली है. 1991 में फरार घोषित आरोपी को पुलिस ने 35 साल बाद जाकर पकड़ा है.
जानकारी के अनुसार 2 अगस्त 1991 में वेस्ट विनोद नगर इलाके से त्रिलोकपुरी थाने में पीसीआर के जरिए कॉल आई थी. कॉल में बताया गया कि एक बुजुर्ग महिला और उनके बेटे पर चाकू से हमला किया गया है. हालांकि, जब तक पुलिस वहां पहुंची महिला की मौत हो चुकी थी. वहीं, बेटे के शरीर पर काफी गंभीर चोटें आई थी. समय पर इलाज हो जाने के कारण बेटा बच गया. बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि इस घटना को अंजाम देने वाला बुजुर्ग महिला के घर में रहने वाला किराएदार ही था. हत्यारा छवि लाल वर्मा 1996 में फरार अपराधी घोषित कर दिया गया था.
वहीं, सब को लगा कि अब इस मामले में कुछ नहीं हो सकता. तो वहीं, 6 महीने पहले क्राइम ब्रांच ने इस मामले में फिर से काम करना शुरू किया. आरोपी की तलाश उसके घर से लेकर रिश्तेदार सभी जगह की गई, लेकिन उसका पता नहीं लग पाया. बहुत खोजबीन करने के बाद में छवि लाल शर्मा की लोकेशन पंजाब लुधियाना में मिली थी. 10 अप्रैल 2025 के दिन सालों से फरार अपराधी आखिरकार दिल्ली पुलिस के चंगुल में फंस गया.
चौंकाने वाली बात तो यह हैं कि आरोपी इतने सालों से न ही अपने बच्चों की शादी में आया न तो अपने परिवार वालों से मिलने आया. वह सालों तक कई शहरों में घूम-घूम कर छिपता रहा. हालांकि, गिरफ्तारी के बाद में आगे की कार्रवाई की जा रही है. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे उसकी मालकिन बहुत पैसे वाली लगती थी. इसी कारण से उसने वहां चोरी करने का फैसला लिया.
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