Paracetamol impact during Pregnancy: अभी के समय में लोगों के बीच में दवाईयों को लेकर कई चीजें चल रही है. इनमें से एक नाम पैरासिटामोल का भी है. बता दें कि पैरासिटामोल को कई गंभीर बीमारियों के होने के पीछे का कारण बताया गया है. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति के भी इस बात को कहने के कारण लोगों के बीच यह काफी ज्यादा चर्चे में आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप का कहना हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान पैरासिटामोल बच्चों के अंदर दिमागी बीमारी जैसे की ऑटिज्म आदि के होने के खतरे को बढ़ाता है. इस बढ़ते मुद्दे के कारण लोगों के लिए एक बड़ा फैक्ट चैक किया गया, जिसमें यह देखा गया कि क्या यह बात सच है या नहीं.
जानें क्या निकला रिसर्च में
दरअसल, हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बोला गया है कि पैरासिटामोल को लेकर किए जा रहे दावे सभी झूठ है. किसी भी दिमागी बीमारी का इससे कोई भी लेना देना नहीं है. इससे पहले जो भी स्टडी जोड़ी जा रही थी दिमागी बीमारी को लेकर, उन सभी में कई तरह की खामियां देखने को मिली है. उन रिपोर्ट को या तो पूरी तरीके से सही से नहीं किया गया या तो उन्हें अधूरा छोड़ दिया गया है. इन सभी डेटाओं में दूसरी बीमारियों को लेकर बातें की गई थी.
क्या मिला देखने को स्टडी में
हाल ही में एक स्टडी के दौरान यह देखने को मिला है कि बच्चों में यह सभी चीजें पारिवारिक चले आ रहे फैक्टर के कारण होते हैं. अर्थात न्यूरोडेवलपमेंटल समस्या जेनेटिक फैक्टर्स पर आधारित होते हैं. अगर एक परिवार में किसी पैरेंटस में यह बीमारी होती है. तो उनके बच्चों में इस तरह की बीमारियों के होने के चांसेस होते है. पैरासिटामोल का इन बीमारियों के होने के पीछे कोई भी वजह नहीं देखा गया है.
रिसर्च में उन स्टडीज को ज्यादा अहमियत दी गई, जिनमें एक ही मां की दो प्रेग्नेंसी की तुलना की गई. एक में पैरासिटामोल लिया गया और दूसरी में नहीं. ऐसे स्टडी जेनेटिक्स और घर के माहौल जैसे फैक्टर्स को बेहतर तरीके से अलग कर पाते हैं.
रिसर्चर ने किए प्रेग्नेंसी को लेकर तीन फैक्टर
रिसर्चर द्वारा प्रेग्नेंसी के समय पैरासिटामोल लेने को तीन फैक्टर में बांटा. इन सबमें पैरासिटामोल को खाने वाली 4,147 स्टडी की जांच की गई. हालांकि, इनमें से 4,092 को बाहर निकाल दिया गया था. ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि इन स्टडी का पैरासिटामोल का प्रेग्नेंसी से कोई भी लेना देना नहीं था.
इसके बाद दूसरे स्टेप की जांच की गई, जिसमें 55 फुल टेक्स्ट पेपर्स की गहराई से जांच की गई थी. हालांकि, इनमें से भी 12 स्टडी को इसलिए बाहर निकाल दिया क्योंकि उनमें या तो डेटा अधूरा या डिजाइन की कमी थी. इसके अलावा उनमें मूल टॉपिक को लेकर कोई भी बात नहीं की गई थी. लास्ट में 43 स्टडी की जांच की गई. इनमें से भी केवल 17 हाई क्वालिटी वाले रिसर्च को रिव्यू के लिए चुना गया. इनमें भाई-बहनों से होने वाली स्टडीज को ज्यादा महत्व दिया गया था. ताकि पारिवारिक प्रभाव और जीन वाले फैक्टर को अलग करा जा सकें.
किसी की भी पुष्टि पूरी तरीके से सही नहीं
इन सभी स्टडी के आधार पर यह कहा गया कि यह सभी स्टडी प्रेग्नेंट महिलाओं को डराने का काम कर रहे हैं. एक भी स्टडी में इसका सबूत सही या सही से किया हुआ नहीं पाया गया है. हालांकि, सभी महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर ही पैरासिटामोल को लेना चाहिए. अगर आपको बुखार या कोई भी चीज ऐसा लगें तो डॉक्टर की सलाह पर ही लें. बिना डॉक्टरी सलाह के इन्हें लेने से आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
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यहां पर दी गई जानकारी विशेषज्ञ और रिसर्च पर है. किसी भी चीज की सलाह लेने से पहले डॉक्टरों की सलाह लें. इसको मेडिकल सलाह के रूप में न लें.
