minor girl rape case: गाजीपुर के जिला महिला अस्पताल में दुष्कर्म की शिकार 6 साल की मासूम को 9 घंटे तक इलाज नहीं मिला, जिससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में भारी हंगामा किया. अस्पताल और सीएमओ कार्यालय के बीच तालमेल की कमी और ‘मेडिको-लीगल’ प्रक्रिया के बहाने हुई इस देरी के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

minor girl rape case: गाजीपुर के जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है. 26 मार्च को एक 6 साल की नाबालिग बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था. बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी. परिजनों के अनुसार वे दोपहर करीब 2 बजे बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे. लेकिन रात करीब 11 बजे तक बच्ची का इलाज शुरू नहीं हो सका. लगभग 9 घंटे तक बच्ची अपनी मां की गोद में अस्पताल में भटकती रही. इस घटना से परिवार और आसपास के लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला.
बताया गया कि इस देरी की एक बड़ी वजह अस्पताल और सीएमओ कार्यालय के बीच तालमेल की कमी थी. महिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मामले को मेडिको-लीगल बताते हुए बच्ची को जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर भेज दिया. डॉक्टरों का कहना था कि ऐसे मामलों में पहले कानूनी प्रक्रिया जरूरी होती है. इसलिए बच्ची को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया. लेकिन वहां भी तुरंत इलाज शुरू नहीं हो पाया. इस कारण बच्ची और उसके परिवार को घंटों इंतजार करना पड़ा.
सीएमओ कार्यालय की तरफ से भी अलग तरह की बात सामने आई. अधिकारियों का कहना था कि महिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर दोनों मेडिकल कॉलेज के अधीन आते हैं. इसलिए यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है. इसी वजह से तुरंत कार्रवाई नहीं हो सकी. हालांकि मामला बढ़ने और लोगों के विरोध के बाद अधिकारियों ने इलाज शुरू कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुंची.
इस बीच बच्ची के परिवार और स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ता गया. लोगों का कहना था कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी बच्ची को समय पर इलाज नहीं मिला. शाम होते-होते अस्पताल के बाहर भीड़ जमा हो गई. लोगों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. हालात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस को मौके पर बुलाया गया. अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की और बच्ची के इलाज का भरोसा दिया.
वहीं मामले को लेकर पुलिस की तरफ से भी जानकारी दी गई है. एडिशनल एसपी ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है. जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस के अनुसार पीड़ित बच्ची और आरोपी दोनों नाबालिग हैं. पूरे मामले की जांच की जा रही है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है. जहां गंभीर मामलों में भी समय पर इलाज नहीं मिल पाता.
